Uttar Pradesh Day: नोएडा और गाज़ियाबाद में 24 से 26 जनवरी तक मनाया गया उत्तर प्रदेश दिवस। सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोककला, फूड फेस्टिवल, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और स्टार्टअप्स के साथ दिखा परंपरा और विकास का संगम।
Uttar Pradesh Day: राज्य का गठन 24 जनवरी 1950 को हुआ था
इंफोपोस्ट न्यूज/नोएडा/गाज़ियाबाद/Uttar Pradesh Day
उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर इस वर्ष 24 से 26 जनवरी तक नोएडा और गाज़ियाबाद में भव्य सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय इस समारोह में उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, खान-पान, पर्यटन और आधुनिक विकास की झलक एक साथ देखने को मिली।
24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश को एक राज्य के रूप में आधिकारिक पहचान मिली थी। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हर वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। उद्देश्य सांस्कृतिक धरोहर, कला, साहित्य, संगीत, पर्यटन और विकास यात्रा को जन-जन तक पहुँचाना है।
परंपरा और तकनीक का सुंदर मेल
इस वर्ष का आयोजन खास इसलिए भी रहा क्योंकि इसे नोएडा और गाज़ियाबाद जैसे आधुनिक शहरी केंद्रों में आयोजित किया गया है, जहां परंपरा और तकनीक का सुंदर मेल देखने को मिलता है। समारोह को लेकर स्थानीय प्रशासन, संस्कृति विभाग और पर्यटन विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की थीं।
प्रमुख स्थलों को रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक सजावट और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक झलक दिखाने वाले कला रूपों से सजाया गया। हर आयु वर्ग के लोगों के लिए यहां विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश दिवस समारोह की सबसे बड़ी खासियत इसकी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं।
पारंपरिक कलाओं को मिली नई पहचान
मंचों पर कथक नृत्य, बिरहा, लोकगीत, ब्रज, अवधी, भोजपुरी और बुंदेली संगीत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोक कलाकारों को मंच देकर उनकी पारंपरिक कलाओं को नई पहचान मिली। समारोह स्थल पर उत्तर प्रदेश की हस्तशिल्प प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी।
यहां बनारसी साड़ियां, मुरादाबाद का पीतल, भदोही की कालीनें, लखनऊ की चिकनकारी, सहारनपुर की लकड़ी नक्काशी जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए, जो न केवल प्रदेश की कारीगरी को दर्शाते हैं बल्कि स्थानीय कारीगरों को आर्थिक अवसर भी उपलब्ध हुए।
उत्तर प्रदेश का स्वाद, फूड फेस्टिवल
फूड फेस्टिवल में प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लोगों को खूब भाया। यहां लखनऊ के टुंडे कबाब, कचौड़ी-जलेबी, आगरा का पेठा, बनारसी चाट, मथुरा का पेड़ा जैसे व्यंजन लोगों को उत्तर प्रदेश की विविधता से रूबरू करा रहे थे। इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए विशेष मंच तैयार किया गया।
स्टार्टअप प्रदर्शनी, इनोवेशन शोकेस और स्किल डेवलपमेंट सेशनों के माध्यम से युवाओं को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया गया। प्रदेश सरकार इस मंच के जरिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों—अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, विंध्याचल और चित्रकूट—को वीडियो, VR और फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से प्रमोट कर रही थी, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी
समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। उद्घाटन और समापन सत्रों में प्रदेश की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और भविष्य के विज़न पर भी चर्चा की गई। नोएडा और गाज़ियाबाद के लोगों में उत्तर प्रदेश दिवस को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। परिवारों के साथ लोग कार्यक्रमों का आनंद ले रहे थे। बच्चों के लिए विशेष सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
Uttar Pradesh Day: लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उत्तर प्रदेश दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा को समझने का अवसर है। जहां एक ओर यह रामायण और महाभारत की भूमि है, वहीं दूसरी ओर आईटी हब, एक्सप्रेसवे और स्मार्ट सिटी के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नोएडा और गाज़ियाबाद में आयोजित यह समारोह इसी संतुलन को खूबसूरती से दर्शाता है—परंपरा भी, प्रगति भी।


