Bihar Elections: बिहार की राजनीति में हलचल मचाने वाली सबसे बड़ी खबर विधानसभा चुनाव 2025 से जुड़ी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की सूची जारी करने को लेकर भारी असंतोष उबल पड़ा है।
Bihar Elections: BJP-JDU गठबंधन में दरार की आशंका
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Bihar Elections: भाजपा ने मंगलवार को अपनी पहली सूची में 71 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए, जिनमें दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (तारापुर) और विजय सिन्हा (आंखौर) शामिल हैं। लेकिन इस सूची ने जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं को नाराज कर दिया, क्योंकि कई प्रमुख JDU विधायकों को टिकट न मिलने से बगावत की आशंका बढ़ गई है।
आज सुबह JDU ने जवाबी कार्रवाई में अपनी पहली सूची जारी की, जिसमें 57 नाम हैं। लेकिन इसमें एक भी मुस्लिम उम्मीदवार न होने से अल्पसंख्यक वोट बैंक पर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्षी महागठबंधन (RJD-कांग्रेस आदि) में भी सीट शेयरिंग पर घमासान मचा हुआ है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने चुप्पी साध ली है।
NDA के अंदर का विवाद सबसे गंभीर
यह सब 6 नवंबर को पहले चरण की वोटिंग से ठीक दो हफ्ते पहले हो रहा है, जब नामांकन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर है। NDA के अंदर का विवाद सबसे गंभीर है। भाजपा की सूची में विधानसभा स्पीकर नंद किशोर यादव को टिकट न देने से JDU समर्थक भड़क गए हैं। पटना के सीएम आवास के बाहर JDU विधायक गोपाल मंडल ने धरना दे दिया। कई अन्य विधायकों ने पार्टी मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।
पूर्व मंत्री विजय कुमार चौधरी को सराय रंजन से टिकट मिला, लेकिन कई पुराने चेहरों जैसे आरजेडी के अवध बिहारी चौधरी (सीवान) के खिलाफ NDA का मजबूत दांव देखा जा रहा है। LJP (रा) के चिराग पासवान ने 30 सीटों की मांग पूरी न होने पर नाराजगी जताई। हम के जीतन राम मांझी को मात्र 6 सीटें मिलने से असंतुष्टि है।
उपेंद्र कुशवाहा के घर जाकर उन्हें मनाया गया
रात भर चली मीटिंग में भाजपा के बिहार प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय गृह मंत्री नित्यानंद राय और सम्राट चौधरी ने उपेंद्र कुशवाहा के घर जाकर उन्हें मनाया, लेकिन JDU के अंदरूनी स्रोतों के मुताबिक, नीतीश कुमार खुद नाराज हैं। एक वरिष्ठ JDU नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “भाजपा हमें निगल जाना चाहती है।
सीटें बराबर (101-101) देने के बावजूद प्रमुख सीटों पर उनका दबदबा असहनीय है।” आज भाजपा ने दूसरी सूची जारी की, जिसमें 12 नाम हैं, लेकिन यह विवाद को शांत करने में नाकाम रही। JDU की सूची में विजय चौधरी, नरेंद्र नारायण यादव (आलमनगर), निरंजन मेहता (बिहारीगंज) जैसे नाम हैं, लेकिन मुस्लिम प्रतिनिधित्व की कमी ने AIMIM जैसे दलों को मौका दिया है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने आजाद समाज पार्टी और अपनी जनता पार्टी के साथ ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक एलायंस’ बनाया, जो 64 सीटों पर लड़ेगी।
तेजस्वी यादव को राघोपुर से नामांकन भरवाया गया
यह तीसरा गठबंधन बिहार की राजनीति को और जटिल बना रहा है। महागठबंधन में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बेटे तेजस्वी यादव को राघोपुर से नामांकन भरवाया, जहां उनके माता-पिता राबड़ी देवी और लालू मौजूद थे। लेकिन कांग्रेस की ज्यादा सीटों की मांग से RJD नाराज है। पूर्व राजस्थान CM अशोक गहलोत ने कहा, “महागठबंधन में जल्द सीट बंटवारा होगा।” RJD ने 40 से ज्यादा नाम घोषित किए, जिनमें ओसामा शहाब (रघुनाथपुर, शहाबुद्दीन के बेटे) और चांदनी सिंह (बनियापुर) शामिल हैं।
तेजस्वी ने कहा, “हम रोजगार का कानून लाएंगे, NDA भ्रष्टाचार का प्रतीक है। “प्रशांत किशोर का फैसला भी बड़ा मोड़ है। जन सुराज के संस्थापक ने कहा, “मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा, पार्टी संगठन मजबूत करूंगा।” यह तेजस्वी के खिलाफ राघोपुर से लड़ने की अटकलों पर विराम लगा देता है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि PK लंबी दौड़ के लिए तैयार हो रहे हैं।
जन सुराज ने 65 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की
Bihar Elections: जन सुराज ने 65 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, जो NDA-MGB दोनों को चुनौती देगी। चुनाव आयोग ने भी सख्ती बरती। 6 अक्टूबर से अब तक 33.97 करोड़ रुपये की नकदी, शराब, ड्रग्स जब्त हुए। 20 जिलों में EVM-VVPAT की रैंडमाइजेशन पूरी हुई। लेकिन BPSC प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज की यादें ताजा हैं, जहां तेजस्वी ने वादा किया कि उनकी सरकार नौकरियों पर कानून बनाएगी।
यह विवाद बिहार की सियासत को महाभारत बना रहा है। NDA की एकता पर सवाल हैं, जबकि महागठबंधन में देरी से फायदा विकास के मुद्दे हावी हैं। नीतीश की ‘सुशासन’ सरकार पर बेरोजगारी और पलायन का आरोप लग रहा है, वहीं RJD पर पारिवारिक राज का तंज। प्रधानमंत्री मोदी आज BJP कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंस करेंगे, जबकि अमित शाह कल पटना पहुंचेंगे। क्या यह विवाद गठबंधन तोड़ देगा? आने वाले दिन बताएंगे। बिहार बदलाव की दहलीज पर है, लेकिन टिकटों की जंग ने सबको हिलाकर रख दिया है।


