Road safety important: आज की सबसे बड़ी खबर राजस्थान के जैसलमेर जिले से आई है। जो एक भयानक बस हादसे से जुड़ी है। कम से कम 20 लोगों की जलकर मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। घटना देश भर में शोक की लहर दौड़ा रही है और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
Road safety important: हादसे में 20 की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Road safety important: घटना कल दोपहर करीब दो बजे थियाट गांव के पास घटी। जब जैसलमेर से जोधपुर जा रही एसी स्लीपर बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में सवार यात्री सो रहे थे या आराम कर रहे थे। ड्राइवर ने शॉर्ट सर्किट या ईंधन लीक के कारण आग लगने की सूचना दी। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
आग इतनी तेजी से फैली कि बस के अंदर फंस गए यात्रियों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने किसी तरह कुछ यात्रियों को बचाया, लेकिन ज्यादातर की जलकर मौत हो गई। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया।
परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि
उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों को दो लाख रुपये देने की घोषणा की। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “यह दुखद घटना पूरे देश को स्तब्ध कर रही है। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना।” पीएम ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुदान राशि जारी करने की घोषणा की।
इसके अलावा, एनडीआरएफ की टीम को मौके पर तैनात किया गया है, जो बचाव कार्यों में जुटी हुई है। घायलों को जैसलमेर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा राजस्थान की सड़कों पर बढ़ते हादसों की कड़ी में एक और उदाहरण है। राज्य में पिछले एक साल में सड़क दुर्घटनाओं में 15 हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी बसों का इस्तेमाल, ड्राइवरों की थकान और सुरक्षा मानकों की अनदेखी मुख्य कारण हैं।
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया
बस ऑपरेटरों पर सख्ती की मांग उठ रही है। विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, “सड़कों की खराब स्थिति और बसों की जांच न होने से ऐसे हादसे हो रहे हैं।” केंद्र सरकार ने भी इस घटना पर उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके। इस हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सड़क सुरक्षा नीति पर बहस छेड़ दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि सीसीटीवी कैमरों की अनुपस्थिति और आपातकालीन निकास के अभाव ने इस त्रासदी को और गहरा किया। पीएम मोदी ने कैबिनेट बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया और राज्यों से सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने को कहा।
Road safety important: इस घटना से प्रभावित परिवारों की कहानियां दिल दहला देने वाली हैं। एक मृतक की बेटी ने बताया, “पापा जोधपुर शादी के लिए जा रहे थे, अब हम अकेले रह गए।” सरकार ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाई है, लेकिन घाव गहरे हैं। यह हादसा हमें याद दिलाता है कि विकास के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। आशा है कि इस त्रासदी से सबक लेकर बेहतर कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।


