Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

August 31, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • अंतरराष्ट्रीय
  • ख़ास ख़बर

Ceasefire in Gaza: बंधकों की अदला-बदली का मार्ग प्रशस्त

infopost October 14, 2025
Ceasefire in Gaza

Ceasefire in Gaza: मध्य पूर्व शांति की नई उम्मीद 14 अक्टूबर 2025 को विश्व पटल पर सबसे बड़ी खबर इजरायल-हमास संघर्ष में संभावित युद्धविराम की है। दो वर्षों से चले आ रहे खूनी गतिरोध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है, जिसने बंधकों की अदला-बदली और हथियारों की खामोशी का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

Ceasefire in Gaza: इजरायली सेना ने पांच फिलिस्तीनियों को मार गिराया

इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Ceasefire in Gaza: मिस्र के शर्म अल-शेख में आयोजित शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने क्षेत्रीय नेताओं के साथ एक घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसे उन्होंने “मध्य पूर्व के लिए शानदार दिन” करार दिया। हालांकि, इजरायली सेना ने युद्धविराम के बावजूद गाजा में कम से कम पांच फिलिस्तीनियों को मार गिराया, जिससे समझौते की नाजुकता उजागर हुई।

यह समझौता अक्टूबर 2023 में हमास के इजरायल पर हमले से उपजी हिंसा का परिणाम है, जिसमें 1,200 इजरायलियों की मौत हुई थी। उसके बाद इजरायली जवाबी कार्रवाई में गाजा में 40,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए। समझौते के तहत हमास ने लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई का वादा किया, जबकि इजरायल ने 24 इजरायली बंधकों के शवों की वापसी की मांग की।

फिलिस्तीनियों ने कैदियों की रिहाई का जश्न मनाया

गाजा और वेस्ट बैंक में हजारों फिलिस्तीनियों ने कैदियों की रिहाई का जश्न मनाया, लेकिन इजरायली परिवारों ने हमास से बंधकों के शव लौटाने की अपील की। ट्रंप ने शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अनुपस्थित रहे, जिससे राजनीतिक तनाव स्पष्ट हुआ।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत किया। बिना ट्रंप का नाम लिए कहा कि “भारत एक महान देश है जहां एक अच्छा दोस्त शीर्ष पर है।” मोदी ने बंधकों की रिहाई को मानवता की जीत बताया और क्षेत्रीय शांति की कामना की। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी, लेकिन कतर और मिस्र जैसे मध्यस्थों के प्रयासों का समर्थन किया। तालिबान ने भी भारत-अफगानिस्तान कनेक्टिविटी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें वीजा उदारता और व्यापारिक संपर्क पर जोर दिया।

जटिल मुद्दों से घिरा है यह युद्धविराम

यह युद्धविराम जटिल मुद्दों से घिरा है। इजरायल ने हमास को चेतावनी दी कि बंधकों के शवों की वापसी समझौते का अभिन्न हिस्सा है। एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने कहा कि हमास को लगा था कि यह मांग कम सख्त है, लेकिन इजरायल के पास उनके पास मौजूद शवों की सटीक जानकारी है। हमास ने दावा किया कि इजरायली हमलों में 25 लोग मारे गए, जबकि इजरायल ने इसे “आतंकी गतिविधियों” का जवाब बताया।

पत्रकार नोआ अविशाग श्नाल, जो गाजा सहायता जहाज पर थीं, ने इजरायली हिरासत में यातनाओं का खुलासा किया। उनके चेहरे पर चोट के निशान साफ दिखे। वैश्विक प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं। संयुक्तराष्ट्र ने शांति का आह्वान किया, लेकिन चेताया कि उल्लंघन से स्थिति बिगड़ सकती है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में शांति को अपनी विदेश नीति की प्राथमिकता बताया।

यूरोपीय संघ ने मानवीय सहायता बढ़ाने का वादा किया

Ceasefire in Gaza: यूरोपीय संघ ने मानवीय सहायता बढ़ाने का वादा किया। रूस ने यूक्रेन के खार्किव पर हमले जारी रखे, जबकि अफगान तालिबान ने पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने का दावा किया।भारत में यह खबर राजनीतिक बहस का विषय बनी। विपक्ष ने मोदी सरकार से पूछा कि क्या भारत ने इजरायल को समर्थन देकर फिलिस्तीनी हितों की अनदेखी की। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार चुनावी वोटर लिस्ट पर सुनवाई स्थगित की, जबकि दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय में एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की घटना ने विरोध प्रदर्शन भड़काए।

आर्थिक मोर्चे पर, 2025 का नोबेल पुरस्कार अर्थशास्त्र में जोएल मॉकीर, फिलिप एगियन और पीटर हॉविट को मिला, जिन्होंने नवाचार और विकास पर शोध किया। भारत में ईपीएफओ ने पीएफ निकासी को आसान बनाया, जबकि गूगल ने विशाखापट्टनम में 10 अरब डॉलर का डेटा सेंटर निवेश घोषित किया।यह युद्धविराम मध्य पूर्व शांति की दिशा में एक कदम है, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं। क्या यह स्थायी शांति लाएगा या नई हिंसा का बीज बोएगा? विश्व निगाहें सलजम रहे हैं।

About Author

infopost

administrator

See author's posts

Post navigation

Previous: Bihar Elections 2025: सीट शेयरिंग पर मचा घमासान
Next: Road safety important: राजस्थान के जैसलमेर में बस हादसा

Related Stories

Ram Mandir Trust Controversy
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Ram Mandir Trust Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

infopost June 27, 2026
Narendra Modi IVLP Program
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Narendra Modi IVLP Program: क्या 1993 का अमेरिकी कार्यक्रम आज भी खड़ा करता है सवाल?

infopost June 27, 2026
Global Diplomacy
  • अंतरराष्ट्रीय
  • ख़ास ख़बर

Global Diplomacy: ईरान-अमेरिका वार्ता के बाद बदले पश्चिम एशिया के समीकरण?

infopost June 26, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.