OBC Working Committee: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विपक्ष की फूट डालो और राज करो की नीति नहीं चलने वाली। हमारे कार्यकाल में 60 प्रतिशत भर्तियां ओबीसी समाज से हुई हैं। जो कार्य कभी विदेशी आक्रांता करते थे, आज वही कार्य इस देश के अंदर छात्र सेकुलरिज्म के नाम पर राजनितिक दलों ने किया है।
OBC Working Committee: ओबीसी समाज में बजरंग बली की ताक़त
इंफोपोस्ट डेस्क
OBC Working Committee: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी ओबीसी कार्यसमिति की बैठक में भाग लिया और इस बैठक में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने विपक्ष पर करारा हमला बोला है और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर तंज कसा और कहा कि विपक्ष की फूट डालो और राज करो की नीति नहीं चलने वाली। बता दें कि यूपी में सीएम और दोनों डिप्टी सीएम के बीच तनातनी के दावों के बीच सीएम योगी ने बड़ी बात कही। सोमवार को हुई बैठक में सीएम योगी के साथ दोनों डिप्टी सीएम भी नजर आए।
सीएम योगी ने बैठक में कहा कि हमारे कार्यकाल में 60 प्रतिशत भर्तियां ओबीसी समाज से हुई हैं। पिछले 7 साल में जितनी भी भर्तियां हुईं उनमें 60% ओबीसी वर्ग की भर्तियां हुई हैं। ओबीसी समाज में बजरंग बली की ताक़त होती है। रावण की लंका को जलाने में देर नहीं लगेगी। विपक्ष सोशल मीडिया के ज़रिए झूठ फैला रहा है जो चलने वाला नहीं है।
कांवड़ यात्रा से जुड़ा है रोजगार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी ने विपक्ष पर एक और जुबानी हमला बोला, योगी ने कहा कि इस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवर यात्रा चल रही है। इसी कांवर यात्रा पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बीएसपी सरकार के समय प्रतिबंध लगाया गया था। इस यात्रा से रोजगार भी जुड़ा है। पिछली सरकारों ने इसे रोकने के लिए काम किया था। मैं पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस ने 60 साल तक शासन किया, सपा चार बार राज्य में सत्ता में रही, उन्होंने ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के लिए काम क्यों नहीं किया।
सीएम योगी ने कहा कि जब कोई समाज अपने स्व का बोध खोता है, तो उसके सामने पहचान का एक संकट खड़ा होता है। कुछ ऐसा ही षड्यंत्र इस समाज के साथ किया गया। उसके बाद वो अपने आपको पिछड़ा वर्ग कहता है। इसके साथ ही सीएम योगी ने कहा कि वह समाज जो भारत को समृद्ध बनाने में और ऊंचाईयों पर पहुंचने का जज्बा रखता था। जब एक साजिश के तहत उसे आपस में ही लड़ाकर उसके सामने ही उसके सत्य के बोध को समाप्त करवा दिया गया, तो एक पहचान का संकट न केवल उस समाज के सामने बल्कि पूरे देश के सामने आ गया था।
सीएम योगी ने कहा कि यही कारण है कि वो ताकतें जानती थीं कि अगर ये समाज ऐसे ही पौरुष से भरपूर रहा तो दुनिया की कोई ताकत दुनिया की आक्रामकता भारत का बाल भी बांका नहीं कर पाएगी। इसके लिए उन लोगों ने साजिश रची, आपस में लड़ाने की और परिणाम हम सभी के सामने हैं। जो कार्य कभी विदेशी आक्रांता करते थे, आज वही कार्य इस देश के अंदर छात्र सेकुलरिज्म के नाम पर राजनितिक दलों ने किया है।
भाजपा के साथ खड़े लोग क्या ओबीसी नहीं?
सीएम योगी ने कहा कि ज्यादा दूर मत जाइये ये लोकसभा चुनाव एक उदाहरण है। जैसे आपस में लड़ाया गया। कैसे एक दूसरी जातियों को लड़ा करके अस्तित्व का एक संकट खड़ा करने का प्रयास किया गया। फिर कौन नहीं जानता आप में से। ये समाज अपने पौरुष के लिए जाना जाता था तो भारत की परम्परा और भारत की संस्कृति के प्रति उतनी ही अटूट आस्था के लिए भी जाना जाता था।
जो भाजपा के साथ हो गए थे तो आप उनको ओबीसी नहीं मानोगे? प्रयागराज में उमेश पाल, राजू पाल क्या ओबीसी नहीं थे? उसी माफिया को ये लोग गले लगाते फिरते थे, जिन लोगों ने युवाओं के नौकरी रोजगार में डकैती डाली और उत्तर प्रदेश को अराजकता की आग में झोंक दिया था। आज वही लोग समाज को लगातार गुमराह कर रहे हैं। आप के समाज में हनुमान जी की ताकत है। अपनी ताकत को जगायेंगे तो याद रखियेगा रावण की लंका को दहन करने में देर नहीं लगेगी।


