public relation: भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर महेश शर्मा ने गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर विधानसभा क्षेत्र स्थित दनकौर ब्लाक के कासना, पतलाखेडा, बांजरपुर, बुलंदखेडा, चचूला, धनौरी खुर्द, अमरपुर एवं दनकौर में जनसंपर्क किया और वोट मांगे। वहां के निवासियों ने फूल मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। जन संपर्क एवं संगोष्ठी में उन्होंने कार्यकर्ताअेां को सम्बोधित किया।
public relation: विकास के जरिये देश को जोड़ा गया
इंफोपोस्ट न्यूज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!public relation: डॉक्टर महेश शर्मा को जेवर के स्थानीय निवासियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक विकास के माध्यम से पूरे देश को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
देश के उत्थान के लिए कई कठोर निर्णय लिए गए जिसमें समान नागरिक संहिता को लागू करना, कश्मीर में 370 हटाना, तीन तलाक की कुप्रथा को समाप्त कर मुस्लिम परिवार को बचाना शामिल है। कार्यक्रम कें अंत में उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव किसी सांसद या विधायक का चुनाव नही है। ये चुनाव देश के प्रधानमंत्री का चुनाव है।

भाजपा को वोट देने की अपील
उन्होंने कहा कि आप सभी से विनती है कि धर्म एवं जाति बिरादरी से हटकर आने वाली 26 अप्रैल को कमल का बटन दबाकर भाजपा को अधिक से अधिक मतों से विजय दिलाएं।
इस मौके पर दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर, नरेन्द्र सिंह भाटी, एमएलसी, जिलाध्यक्ष गजेन्द्र मावी, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय भाटी, हरिश्चंद भाटी, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, मण्डल अध्यक्ष हरीदत्त शर्मा, मौजीराम नागर, लोकमन प्रधान, अनिल पंडित, राहुल पंडित, सांसद प्रतिनिधि सोनू वर्मा, अजय फौजी, जितेन्द्र नागर, वीरेन्द्र डॉक्टर सजया, नरेन्द्र डा-सजया, सुबोध चौधरी, दीपक सिंह चेयरमैन, राकेश गर्ग, महीपाल भाटी, राजू बिधूडी, विजेन्द्र नेता जी, मोनिन्दर प्रधान, ओमकार भाटी, नितिन शर्मा, अमित नागर, सुमित पंडित, राजू एवं काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जेवर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र देश के उत्तर प्रदेश विधान सभा के 403 निर्वाचन क्षेत्रों में एक है। यह गौतमबुद्ध नगर जिले का एक हिस्सा है और गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में एक है। इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 1961 में “डीपीएसीओ (1961)” (परिसीमन आदेश) पारित होने के बाद 1957 में हुआ था। 2008 में “संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन आदेश, 2008” पारित होने के बाद, निर्वाचन क्षेत्र पहचान संख्या 63 सौंपी गई थी।


