World Friendship Forgiveness Day: मनुष्य जब मनुष्य को क्षमा करता तो ईश्वर भी उसकी हर बड़ी गलती को
क्षमा कर देता है। मन से मांगी गई क्षमा जीव को सज्जनता और सौम्यता की ओर ले जाती है।
World Friendship Forgiveness Day: वीर पुरुष ही कर सकते हैं क्षमा
इंफोपोस्ट न्यूज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!World Friendship Forgiveness Day: सेवक अपने स्वामी से क्षमा मांगे और स्वामी भी सेवक से क्षमा मांगे। यह भी सच है कि क्षमादान वीर पुरुष ही कर सकते हैं। ये कहना था परम्पराचार्य प्रज्ञसागर जी मुनिराज का।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 – 2024 में भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव पूरे विश्व में मनाया जाएगा। उन्होंने खंडेलवाल जैन मंदिर राजा बाजार में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा, हम क्षमावाणी 18 सितम्बर को लाल किला मैदान में भव्य रूप से मना रहे हैं।
विश्व मैत्री क्षमा दिवस
वहां साधु संत विराजमान होंगे जो अपने प्रवचनों से लोगों को भगवान महावीर के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे। यह दिवस विश्व मैत्री क्षमा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। जैन समाज इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाएगा और भारत सरकार से भी यही कामना है कि वह इस दिवस को क्षमा दिवस के रूप में घोषित करे।
इस अवसर पर अखिल भारतीय भगवान महावीर निर्वाणोत्सव समिति के अंतर्गत विश्व मैत्री क्षमा दिवस समोराह के मुख्य संयोजक सत्य भूषण जैन ने बताया कि जैन धर्म हमें मन मुटाव भूलकर एक दूसरे के साथ आपसी भाईचारे के साथ रहना सिखाता है।
जियो और जीने दो की राह
अगर विश्व में हर इंसान एक दूसरे की गलती को क्षमा कर दे तो विश्व में किसी बात की लड़ाई नहीं रहेगी। समोराह के प्रायोजक संजीव जैन ने बताया कि भगवान महावीर हमें जियो और जीने दो की राह पर चलना सिखाते हैं।
इस अवसर पर संघस्थ अनिकेत, विवेक जैन, रमेश जैन महामंत्री, मनोज जैन उपाध्यक्ष ने कहा, भारत शांति चाहने वाला देश है। हम सब भगवान महावीर के बताए रास्ते पर चलकर विश्व में शांति लाना चाहते हैं और इसका एकमात्र विकल्प है एक दूसरे को क्षमा कर देना।
देश में दिवाली मनाने की परम्परा महावीर निर्वाण के उपलक्ष में प्रारम्भ हुई। इससे पूर्व तेरस के दिन प्रात:कालीन शुभवेला में भगवान महावीर समवशरण को त्याग कर योग-निरोध कर ध्यान में मग्न हो गए। इस अवसर पर स्वर्ग से देवताओं ने आकर धन्य-धन्य की ध्वनि की, इससे वह दिन धन्य तेरस कहलाया।


