World Cancer Day 26: वर्ल्ड कैंसर डे से पहले मेदांता हॉस्पिटल नोएडा ने पब्लिक अवेयरनेस सेशन आयोजित किया, जिसमें पर्सनलाइज्ड और यूनिफाइड कैंसर ट्रीटमेंट, रोबोटिक सर्जरी और एडवांस रेडिएशन तकनीकों पर जानकारी दी गई।
World Cancer Day 26: कैंसर का आधुनिक, पर्सनलाइज्ड और यूनिफाइड इलाज
इंफोपोस्ट न्यूज/नोएडा/World Cancer Day 26
वर्ल्ड कैंसर डे से पहले मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा द्वारा कैंसर के आधुनिक, पर्सनलाइज्ड और यूनिफाइड इलाज को लेकर एक पब्लिक अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को कैंसर के बदलते उपचार विकल्पों, शुरुआती पहचान और मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
यह अवेयरनेस सेशन वर्ल्ड कैंसर डे 2026 की ग्लोबल थीम “United by Unique” के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें यह बताया गया कि हर कैंसर मरीज अलग होता है और उसके इलाज की रणनीति भी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार तय की जानी चाहिए। कार्यक्रम में मेदांता हॉस्पिटल नोएडा के मेडिकल, सर्जिकल, रेडिएशन, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, ब्रेस्ट सर्जरी और कैंसर केयर से जुड़े वरिष्ठ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया।
पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट से बेहतर परिणाम
World Cancer Day 26: मेदांता हॉस्पिटल नोएडा के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं हेड डॉ. सज्जन राजपुरोहित ने कहा कि आज कैंसर के इलाज के तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं। अब ‘वन-साइज-फिट्स-ऑल’ अप्रोच के बजाय मरीज के जीनोमिक और मॉलिक्यूलर प्रोफाइल के आधार पर इलाज चुना जाता है।
उन्होंने बताया कि इम्यूनोथेरेपी शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने में मदद करती है, जबकि टार्गेटेड थेरेपी सीधे कैंसर की जड़ पर असर करती है और साइड इफेक्ट्स को भी कम करती है।
रोबोटिक सर्जरी से बढ़ी सटीकता
सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (हेड एंड नेक कैंसर) विभाग के डायरेक्टर डॉ. आलोक ठाक्कर ने कहा कि रोबोटिक-असिस्टेड कैंसर सर्जरी ने जटिल ऑन्कोलॉजिकल प्रक्रियाओं में क्रांतिकारी बदलाव किया है। बेहतर 3D विज़न, अधिक डेक्सटेरिटी और मिनिमली इनवेसिव तकनीक के कारण सर्जरी ज्यादा सटीक, सुरक्षित और प्रभावी हो गई है।
उन्होंने बताया कि इससे ब्लड लॉस कम होता है, दर्द और अस्पताल में रहने की अवधि घटती है तथा मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट पाते हैं।
एडवांस रेडिएशन तकनीक से सुरक्षित इलाज
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. दीपक कुमार मित्तल ने बताया कि IGRT और IMRT जैसी आधुनिक रेडिएशन तकनीकों की मदद से ट्यूमर को रियल-टाइम ट्रैक करते हुए अत्यंत सटीक रेडिएशन दिया जाता है। इससे आसपास के स्वस्थ अंग सुरक्षित रहते हैं और इलाज के परिणाम बेहतर होते हैं।
हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग की डायरेक्टर डॉ. ईशा कौल ने कहा कि टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट में हुई प्रगति के चलते अब कई हेमेटोलॉजिकल कैंसर पूरी तरह ठीक भी किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक सुव्यवस्थित मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच मरीजों की सर्वाइवल और क्वालिटी ऑफ लाइफ दोनों को बेहतर बनाती है।
समय पर जांच और जागरूकता पर जोर
अवेयरनेस सेशन के दौरान डॉक्टरों ने शुरुआती डायग्नोसिस, लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन और नियमित स्क्रीनिंग को कैंसर के खतरे को कम करने के अहम उपाय बताया। विशेषज्ञों का कहना था कि समय पर पहचान और यूनिफाइड ट्रीटमेंट अप्रोच कैंसर कंट्रोल में भूमिका निभाती है।
World Cancer Day: इस पहल के माध्यम से मेदांता हॉस्पिटल नोएडा ने अपने कम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर प्रोग्राम को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जहां सभी ऑन्कोलॉजी स्पेशियलिटीज और एडवांस ट्रीटमेंट फैसिलिटीज एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।


