मास्को। कोरोना वैक्सीन का हर किसी को इंतजार है। आए दिन उससे संबंधित खबरें सामने आती रहती हैं। लेकिन यह पता नहीं चल पा रहा है कि आपके पास वैक्सीन कब पहुंच पाएगा। अभी हमें अलग अलग देशों के दावों पर भरोसा करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक जोरदार दावा रूस ने किया है। इससे सवाल पैदा होता है कि क्या अगले 48 घंटे बाद दुनिया को कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई में बड़ी जीत मिलने जा रही है?
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रूस (Russia) ने दावा किया है कि वह 12 अगस्त को कोरोना वायरस की वैक्सीन रजिस्टर करवाने जा रहा है। रूस के उप-स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि रूस 12 अगस्त को कोरोना वायरस के खिलाफ अपना पहला टीका रजिस्टर करवाएगा। ये वैक्सीन गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट और रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है।
रूस ने कहा कि अगले महीने से कोरोना वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा क्योंकि वैक्सीन ने अपना अंतिम चरण ह्यूमन ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। दावा तो ये भी किया जा रहा है कि रूस में बनाई जा रही कोरोना वैक्सीन जल्द बाजार में भी आ सकती है।
रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा कि उम्मीद की जा सकती है कि सितंबर के अंत तक ये वैक्सीन प्रोडक्शन स्तर पूरा कर लेगी। हालांकि कुछ समय पहले आई रिपोर्ट में इस बात का दावा किया जा रहा था कि रूस के गामालेया इंस्टीट्यूट की तैयार की जा रही वैक्सीन 10 अगस्त तक मार्केट में उपलब्ध हो जाएगी।
रूस के मॉस्को में स्थित गामालेया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का कहना है कि वैक्सीन का प्रोडक्शन होने के बाद सबसे पहले हेल्थ डिपार्टमेंट के फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को ये वैक्सीन दी जा सकती है क्योंकि वो प्राथमिकता में हैं। उन्हें आगे भी संक्रमित लोगों के बीच काम करना है और वैक्सीन लगानी है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोविड-19 वैक्सीन के ट्रायल के लिए भारतीय मूल के दीपक पालीवाल ने अपनी जान दांव पर लगाई है। कुछ दिन पहले Zee News ने दीपक और उनके परिवार से इस बड़े फैसले को लेकर बात भी की थी।
रूस ने भले ही अपनी वैक्सीन के कारगर होने और सफल परीक्षण की बात कही हो लेकिन रूस की तरफ से अपने यहां तैयार की जा रही वैक्सीन से जुड़े ट्रायल का कोई डेटा सार्वजनिक नहीं किया है।
कितने लोगों पर इसका टेस्ट हुआ, क्या लक्षण देखने को मिले, वैक्सीन के बाद कैसा रिजल्ट रहा, इन सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं इसीलिए शंका जाहिर की जा रही है कि ये वैक्सीन कोरोना संक्रमण पर प्रभावी भी होगी या नहीं।


