UP Election Result: आखिर मतगणना का दिन आ गया। लेकिन एक्जिट से इक्जैक्ट पोल तक प्रत्याशियों की नींद और दिल का चैन छिन जाने का माहौल बना रहा। कमजोर दिल वालों पर यह काल खंड भारी पड़ रहा है। क्या फर्क पड़ता है कि आपको कुछ समय पहले बता दिया जाए कि किसकी सरकार बन रही है?
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!UP Election Result: मतगणना आज सुबह आठ बजे से
श्रीकांत सिंह
UP Election Result: उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने वाले हैं। आप एक ही बात सोच रहे होंगे कि किस राज्य में किसकी सरकार बनने जा रही है? इस प्रश्न के उत्तर के लिए कुछ ही घंटों का इंतजार बाकी है।
गुरुवार यानी आज सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हो गई है। वोटों की गिनती की शुरुआत हमेशा की तरह पोस्टल बैलेट से हो रही है। उसके बाद ईवीएम का करिश्मा आपके सामने होगा। उत्तर प्रदेश की 403, पंजाब की 117, उत्तराखंड की 70 और गोवा की 40 सीटों पर उम्मीदवारों को जनादेश मिलना है।
यूपी में सपा का जोर और भाजपा के पक्ष में माहौल
उत्तर प्रदेश में एक तरफ समाजवादी पार्टी का जोर है तो दूसरी तरफ भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया जा रहा है। पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आमने सामने हैं। इसके अलावा अकाली दल, बसपा, भाजपा और कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस समेत कई मोर्चे मैदान में हैं।
समाजवादी पार्टी ने इस बार ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा, केशव मौर्य के महान दल और जयंत चौधरी की आरएलडी जैसी छोटी पार्टियों से गठजोड़ किया है। सोमवार को आए एग्जिट पोल की बात करें, तो ज्यादातर ने भाजपा की वापसी का अनुमान लगाया है।
यही नहीं, कई एग्जिट पोल तो भाजपा को 250 से ज्यादा सीटें दिला रहे हैं। यदि एग्जिट पोल के अनुसार चुनाव परिणाम आए तो इसका राष्ट्रीय राजनीति पर बड़ा असर देखने को मिलेगा। ऐसा 35 वर्षों के बाद होगा जब कोई पार्टी लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटेगी। जाहिर है, इससे योगी आदित्यनाथ का कद बढ़ेगा।
अखिलेश यादव की रणनीति दांव पर
उधर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की रणनीति दांव पर लगी है। उन्हें किसानों, मजदूरों और अधिकारियों की नाराजगी से उम्मीद बंधी है। लेकिन ब्राह्मणों की नाराजगी सबसे गंभीर बताई जा रही है। मेरी चुनाव यात्रा के दौरान कौशांबी जिले की सिराथू सीट पर भाजपा के कई सक्रिय नेताओं ने सपा का दामन थाम लिया था।
एक ब्राह्मण भाजपा नेता ने तो केशव प्रसाद मौर्य के नामांकन पर ही सवाल उठा दिया था। उन्होंने दावा किया था कि उनके नामांकन में जो प्रमाण पत्र जमा किए गए थे, वे सब फर्जी हैं। शुरुआत में रिटर्निंग अधिकारी ने उनके दावे को यह कह कर नकार दिया था कि उनके पास दस्तावेज की फोटो कॉपी है। लेकिन नेता का तर्क है कि ओरिजिनल कॉपी किसी दूसरे के पास कैसे हो सकती है? हालांकि उन्होंने इस मसले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही थी।
क्या सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं एक्जिट पोल?
देश के पांच राज्यों के चुनाव परिणाम पर इंदौर का सट्टा बाजार गरम है। सारा फोकस यूपी के चुनाव पर है। भाजपा की बहुमत वाली सरकार बनती नजर आ रही है। सट्टा बाजार के हिसाब से भाजपा को 239 सीटें मिल रही हैं। उस हिसाब से योगी के भाव 20 पैसे हैं तो अखिलेश 10 रुपये कीमत पर चल रहे हैं। कहा जा रहा है कि एक्जिट पोल सट्टा बाजार को बढ़ावा दे रहे हैं।
सटोरियों का गणित इतना सटीक होता है कि बहुत कम मामले में वे फेल होते हैं। स्थिति ये है कि जो आंकलन किया जाता है उससे परिणाम में ज्यादा अंतर भी नहीं आता। हालांकि सट्टोरियों का ध्यान पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर पर न होकर उत्तर प्रदेश पर है।
भाजपा को 239 सीटें मिलने का आंकलन
अंतिम चरण के मतदान से पहले यूपी में भाजपा को सटोरिये 223 सीटें दे रहे थे तो 225 सीट पर खा रहे थे। खाने का अर्थ है उससे अधिक नहीं आ रही है। इसको लेकर सौदे भी हुए, लेकिन सभी जगह मतदान होने के बाद हुए सर्वे के बाद सट्टा बाजार ने भाजपा की सीट को और बढ़ा दिया। उसके मुताबिक भाजपा को 239 सीटें मिलने का आंकलन है।
योगी आदित्यनाथ की कीमत 20 पैसे है तो सपा नेता अखिलेश यादव का भाव 10 रुपये चल रहे हैं। उस हिसाब से किसी भी कीमत पर अखिलेश की सरकार नहीं बन रही है और योगी की सरकार को कोई रोक नहीं पा रहा है।
बदायूं में दांव पर लगी कई बीघा जमीन
UP Election Result: यूपी के बदायूं में दो समर्थकों ने चुनाव परिणामों को लेकर अपनी चार बीघा जमीन दांव लगा दी है। मामला बदायूं जिले के ककराला कस्बे का है। गांव के बीजेपी समर्थक विजय सिंह और सपा समर्थक शेर अली के बीच अपनी-अपनी पार्टी की सरकार बनने को लेकर बहस छिड़ गई।
बहस ऐसी कि बीच-बचाव करने के लिए पंचायत बुलानी पड़ी। दोनों के बीच शर्त लगी है कि एक पक्ष की बात गलत होने पर दूसरा पक्ष उसके चार बीघा जमीन को एक साल के लिए अपने पास रखेगा। पंचायत में इस शर्त को लेकर बाकायदा कोरे कागज पर लिखापढ़ी भी हुई है।
दोनों के बीच मामला न सुलझने से पंचायत का सहारा लेना पड़ा। दोनों अपनी अपनी पार्टी की सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। इसका फैसला गुरुवार, 10 मार्च को हो जाएगा। विजय और शेर अली के बीच बीते कई दिनों से चुनाव के परिणामों को लेकर बहस चल रही थी।


