Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 16, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ताजा तरीन
  • संस्कार

ऋग्वेद के ऋषियों ने सबसे पहले सत्य को खोजा

September 21, 2020
The sages of the Rigveda first discovered the truth

सत्य ऋषि


जिज्ञासा मानवीय स्वभाव है। इसी स्वभाव की वजह से मनुष्य ने संदेह करना शुरू किया और उससे उठने लगे प्रश्न। हर किसी के पास प्रश्नों का भंडार होता है। और ये प्रश्न सत्य की खोज के लिए होते हैं। सत्य की खोज के लिए ही गुरुकुल की व्यवस्था की गई थी। गुरुकुल की शिक्षा व्यवस्था ही प्रश्नों पर आधारित रही है। गुरुकुल में किसी की शिक्षा तब तक शुरू नहीं हो पाती थी, जब तक उसके मन में प्रश्न नहीं उठते थे।

गुरुकुल की व्यवस्था में पहले शिष्य को भिक्षाटन आदि मोटे काम दिए जाते थे। उन कामों को करते करते शिष्य के मन में प्रश्न उठ जाते थे—गुरु जी यह यज्ञ क्यों करते हैं? गुरु जी का उत्तर होता था—इंद्र के लिए। शिष्य का प्रश्न होता था—इंद्र कौन हैं? हमने तो उन्हें कभी देखा नहीं है…आदि आदि। यहां तक कि उपनिषदों की रचना ही शिष्य के प्रश्नों पर आधारित थी।

दरअसल, ये ऋषि वैज्ञानिक होते थे, जो सत्य की खोज में लगे रहते थे। उन पर संपूर्ण समाज की जिम्मेदारी थी। सत्य की खोज करना। फिर उसे सिद्धांत का रूप देना और उन्हें कोड में निबद्ध करना, ताकि उनकी खोज का लाभ कोई और न उठा पाए।

कोडबद्ध सिद्धांतों को ही मंत्र कहा गया। मंत्रों के विशाल संग्रह को वेद कहा गया। वेद चार हैं—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। इनमें ऋग्वेद पहला, सबसे बड़ा और दुनिया का प्राचीनतम ग्रंथ है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि ऋग्वेद के ऋषियों ने सबसे पहले सत्य को खोजा और उसी के आधार पर तमाम सामाजिक सिद्धांत प्रचलित हुए।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: पुतिन का बड़ा प्लान, ग्रेटर यूरेशिया बनाने की कवायद
Next: राज्यसभा में माइक फेल, विधेयक पास

Related Stories

Women Safety
  • दिल्ली एनसीआर
  • शिक्षा
  • संस्कार

Women Safety: भारत में महिला सुरक्षा का भ्रम

Sajid1 M Sajid October 11, 2026 0
Delhi Protest 2026
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय

Subject: Delhi Protest 2026: प्रदर्शन से पहले हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

infopost October 10, 2026 0
Supreme Court Metro Services
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय

Subject: Supreme Court Metro Services: सुप्रीम कोर्ट का नियंत्रित संचालन पर जोर

infopost October 10, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.