“ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना
फूलों में कलियों में, सपनों की गलियों में
तेरे बिना कुछ कहीं ना
तेरे बिना क्या जीना साथी रे….
Kishore Kumar’s birth anniversary : भारतीय हिन्दी सिनेमा के दिग्गज गायक किशोर कुमार की आज जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि…
हीरालाल प्रसाद, मोतिहारी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!indian singer: बहुमुखी प्रतिभा के धनी हरफनमौला कलाकार व हिन्दी सिनेमा के दिग्गज गायक किशोर साहब रोमांटिक एवं गमगीन दोनों गीत गाने में प्रसिद्ध थे। हिन्दी जगत में उन्होंने हिन्दी, बांग्ला, मराठी, उड़िया, असमी, गुजराती, मलयाली, भोजपुरी, उर्दू सहित कई भारतीय भाषाओं में तकरीबन 30 हजार से अधिक गीत गाने का रिकॉर्ड बनाया हैं।
किशोर साहब बहुत ही रोमांटिक स्वभाव के थे। इस लिए रोमांटिक गीतों में उनका स्वर अधिक मधुर हो जाता था। उनके द्वारा एक रोमांटिक गीत “शोखियों में धोला जाए फूलों का शबाब उसमें फिर मिलाई जाए थोड़ी सी शराब, गीत में उनके स्वर की मधुरता देखते बनती है।
किशोर साहब के अनेक गीत किसी को भी प्यार की गहराइयों में डूबों देते हैंं। रोमांटिक गीतों में किशोर साहब अधिक भावुक हो जाते थे। किशोर साहब फिल्म पड़ोसन में सुनील दत के लिए गायन किया था जिसने भी पड़ोसन फिल्म को देखा वह किशोर कुमार के अभिनय और गायन को भूल नहीं सकता। मेरे सामने वाले खिड़की में और एक चतुर नार बड़ी होशियार, गीतों ने दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोट-पोट कर दिया था। आज भी फिल्म पड़ोसन का जब गीत बजता है तो संगीत प्रेमी खुशी से खूब हंसते हैं। किशोर साहब सर्वश्रेष्ठ गायकों के लिए आठ फिल्म फेयर पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड बनाया हैं।
खंडवा में हुआ था किशोर दा का जन्म
किशोर साहब का जन्म मध्यप्रदेश के खंडवा में 4 अगस्त 1929 को हुआ था। किशोर साहब को आठ फिल्म फेयर पुरस्कार से जो नवाजा गया हैं। वो हैं— फिल्म आराधना का रूप तेरा मस्ताना, अमानुष का दिल ऐसा किसी ने तोड़ा, फिल्म डॉन का खाईके पान बनारस वाला, थोड़ी सी वेवफाई हजार राहे मुड़कर देखें, नमक हलाल का गाना— पग धुंधरु बांध मीरा, अगर तुम न होते, शराबी मंजिलें अपनी जगह है, सागर सागर किनारे।
राजेश खन्ना की सफलता के पीछे किशोर कुमार
Kishore Kumar’s birth anniversary : 70 दशक के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के सफलता के पीछे किशोर साहब की आवाज को माना जाता है, क्योंकि उनकी कई फिल्मों में किशोर साहब के गीत हैं। राजेश खन्ना के अलवा अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, जितेन्द्र, दिलीप कुमार, राजकुमार,देव आनंद, शम्मीकपूर, शशि कपूर, विनोद खन्ना, मिथुन चक्रवर्ती, ऋषि कपूर,रणधीर कपूर,अनिल कपूर, संजय दत,विनोद मेहरा, जैकी शारार्फ, गोविंदा, राकेश रौशन,सन्नी देवल,अधिकांश हिन्दी फिल्मों के कलाकारों को किशोर साहब ने अपनी आवाज़ दी। किशोर साहब 13 अक्टूबर 1987 को इस दुनिया से रुखसत हो गए। किशोर साहब के गीतों को देश-दुनिया में करोड़ों संगीत प्रेमी आज भी बड़ी श्रद्धा से सुनते हैं। हिन्दी फिल्मी दुनिया एवं संगीत में सदा अमर रहेंगे।


