Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

August 30, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • स्वास्थ्य

किसी पर भी बेवजह शक करना अल्जाइमर्स-डिमेंशिया के लक्षण

September 23, 2020
Suspecting anyone unnecessarily Alzheimer's-dementia symptoms

इंफोपोस्ट न्यूज, नोएडा। जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीबी ढाका ने कहा कि किसी व्यक्ति की नियमित जीवन शैली में एकदम से बदलाव आना, शरीर में आलस बढ़ना, लोगों से बात करने से कतराना, बीमारियों को नजरंदाज करना, दिन-समय भूल जाना, किसी पर भी बेवजह शक करना आदि अल्जाइमर्स-डिमेंशिया के लक्षण हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों (बुजुर्गों) को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। बुजुर्गों को डिमेंशिया से बचाने के लिए जरूरी है कि परिवार के सभी सदस्य उनके प्रति अपनापन रखें। अकेलापन न महसूस होने दें, समय निकालकर उनसे बातें करें, उनकी बातों को नजरंदाज न करें, बल्कि उनको ध्यान से सुनें।

यदि किसी बुजुर्ग को छोटी-छोटी चीजें भूलने की शिकायत हो या फिर नींद आने में दिक्कत हो तो जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ में दिखाएं। ताकि समय रहते उनको उस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके। डॉ. ढाका अल्जाइमर्स-डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के तहत मंगलवार को जिला चिकित्सालय में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस बीमारी की रोकथाम के लिए उचित खानपान व रहन-सहन के प्रति सजग रहने की सलाह दी।

मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने डिमेंशिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बीमारी के लक्षणों जैसे वृद्धावस्था में याददाश्त और सोचने समझने की कमी के बारे में बताया। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम ने कहा कि यह बीमारी मानसिक तनाव के कारण पैदा होती है।

उन्होंने भूलने की इस बीमारी की एक वजह नशीले पदार्थों का सेवन भी बताया। उन्होंने कहा कि परिवारों में यह बीमारी बढ़ती जा रही है। बुजुर्गों को बीपी और शुगर की जांच नियमित रूप से करानी चाहिए। मनोचिकित्सक डॉ. तनूजा गुप्ता ने कहा कि नियमित योग और व्यायाम करने से डिमेंशिया से बचा जा सकता है।

संगोष्ठी में डॉ. एचएन लवानिया, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम की साइकेट्रिस्ट सोशल वर्कर डॉ. रजनी सूरी ने भी अल्जाइमर-डिमेंशिया और उससे बचने के उपाय बताए। गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. ढाका और डॉ. भारत भूषण ने संयुक्त रूप से की।

संगोष्ठी के उपरांत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीबी ढाका व मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने दिव्यांग बच्चों को प्रमाण पत्र दिए। गौरतलब है कि मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनपद में 21 से 27 सितंबर तक अल्जाइमर्स-डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: अब हर स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध होंगे परिवार नियोजन के साधन
Next: एक हजार एकड़ में प्रस्तावित फिल्म सिटी को सीएम योगी की हरी झंडी

Related Stories

Ram Mandir Trust Controversy
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Ram Mandir Trust Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

infopost June 27, 2026
Narendra Modi IVLP Program
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Narendra Modi IVLP Program: क्या 1993 का अमेरिकी कार्यक्रम आज भी खड़ा करता है सवाल?

infopost June 27, 2026
Global Diplomacy
  • अंतरराष्ट्रीय
  • ख़ास ख़बर

Global Diplomacy: ईरान-अमेरिका वार्ता के बाद बदले पश्चिम एशिया के समीकरण?

infopost June 26, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.