नई दिल्ली। दिल्ली में बिना लाइसेंस के फ़ैक्ट्री चलती है जहाँ इन मजदूरों का न तो कोई बीमा होता है न कोई मेडिकल, फिर भी हज़ारो ऐसी फ़ैक्ट्रियां, होटल और मार्केट चल रही हैं। वहाँ पर फायरब्रिगेड की गाड़ियां तक नहीं पहुँच पातीं। इस अराजकता के लिए कोई सरकार, कोई विभाग जिम्मेदारी नहीं लेता। यह सवाल था राष्ट्र निर्माण पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व गृह मंत्रालय के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर डॉ. आनंद कुमार का। वह पत्रकारों से बात कर रहे थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होंने बताया कि इस प्रकार की अव्यवस्था केवल एक क्षेत्र में ही नहीं है अपितु पूरी दिल्ली में है। यही नहीं, दिल्ली में प्रदूषण की समस्या भयावह हो चुकी है। हवा-पानी जहरीला है। यमुना नदी, नाले, गलियां, गंदगी से भरे हैं। आज दिल्ली की हालत नरक से भी बदतर हो चुकी है। इसके लिए आप, भाजपा व कांग्रेस तीनों ही पार्टियां जिम्मेदार हैं। इनका भ्रष्टाचार का एक नया तरीका है मुफ्तखोरी, जिसे सभी पार्टियां बढ़ावा देने लगी हैं।
उन्होंने कहा कि आम जनता द्वारा दिए गए टैक्स के धन को ये सरकारें व्यवस्थाओं को विकसित करने के स्थान पर वोट खरीदने में उपयोग कर रही हैं। एक तरफ हम समाज को भिखमंगा बनाने का पाप कर रहे हैं। दूसरी तरफ हम उन्हें स्वावलंबी न बनाकर गरीब बनाए रखना चाहते हैं। इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण पार्टी के अध्यक्ष ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि कभी भ्रष्टाचार के प्रहरी रहे और भ्रष्टाचार के नाम पर आंदोलन करने वाले लोग आज भ्रष्टाचार के पर्याय बन गए हैं।
अब लोकायुक्त की चर्चा ही बंद कर दी गई है। आठ लाख बेरोजगार नौजवानों को नौकरियों का वायदा करने वाले आज अपने रिश्तेदारों व अपने निकट के कार्यकर्ताओं को सरकारी पद देकर पार्टी का काम करा रहे हैं। क्या इसी को शासन कहते हैं? सरकारी खर्चे पर बड़े-बड़े विज्ञापन एवं विशाल आयोजनों ने शासन व्यवस्था का स्थान ले लिया है, जो भ्रष्टाचार का नया प्रकार बन गया है।
आप, बीजेपी व कांग्रेस इस क्षेत्र में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। मैं आह्वान करता हूँ आज के नौजवानों से जो जाति, मत, पंथ व क्षेत्रवाद की राजनीति से ऊपर उठकर सभी भारतीयों के सुख, समृद्धि, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए आगे बढ़ें। राष्ट्रहित सर्वोपरि है।
हम नौजवानों से अनुरोध करते हैं कि राष्ट्र निर्माण पार्टी से जुड़कर अपने सपनों का भारत बनाने में सहयोगी बनें। हम इस अव्यवस्था/अराजकता को खत्म करने व अच्छी व्यवस्था विकसित करने के लिए कृतसंकल्पित हैं।


