Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 24, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ताजा तरीन
  • संस्कार

प्रदोष व्रत से भोलेनाथ को खुश करने के उपाय

August 1, 2020
shani1

वर्षभर में हर महीने में दो बार एक शुक्ल और दूसरा कृष्ण पक्ष में प्रदोष का व्रत आता है। यह व्रत द्वादशी/त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। अगर किसी भी जातक को भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करना हो तो उसे प्रदोष व्रत अवश्य करना चाहिए।

इस व्रत को करने से शिव प्रसन्न होते हैं और व्रती को सभी सांसारिक सुखों की प्राप्ति करवाने के साथ-साथ पुत्र प्राप्ति का वर भी देते हैं। इसके साथ ही अगर किसी खास दिन यह व्रत आता है तो उस दिन से संबंधित देवता का पूजन करना अति लाभदायी माना गया है।

इस बार श्रावण माह का पहला शनि प्रदोष व्रत जहां 18 जुलाई को आया था, वहीं दूसरा शनि प्रदोष व्रत 1 अगस्त 2020, शनिवार को मनाया जा रहा है। अत: इस दिन कोई भी जातक पूरी श्रद्धा व मन से शनि देव की उपासना करे तो उसके सभी कष्‍ट और परेशानियां निश्चित ही दूर होते हैं। शनि का प्रकोप, शनि की साढ़ेसाती या ढैया का प्रभाव की कम हो जाता है।

इस व्रत में प्रदोष काल में आरती एवं पूजा होती है। संध्या के समय जब सूर्य अस्त हो रहा होता है और रात्रि का आगमन हो रहा होता है उस प्रहर को प्रदोष काल कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि प्रदोष काल में शिव जी साक्षात शिवलिंग पर अवतरित होते हैं।

इसके साथ ही शनि प्रदोष होने के कारण शनि देव का पूजन करना अवश्य ही लाभदायी रहता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान शनिदेव को मनाने के ऐसे कई उपाय हैं जिनके द्वारा शनि की शांति होती है। इसमें शनि प्रदोष के दिन का अधिक महत्व है।

शनि को मनाने के लिए शनि प्रदोष व्रत बहुत फलदायी है। यह व्रत करने वाले पर शनिदेव की असीम कृपा होती है। शनि प्रदोष के अवसर पर भगवान शिव का भस्म व तिलाभिषेक करना लाभदायी रहता है।

इस दिन दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में आ रही परेशानियां और शनि के अशुभ प्रभाव से मिलने वाले बुरे फलों में कमी आती है। व्रत करने वाले जातक को यह पाठ कम से कम 11 बार अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा शनि चालीसा, शनैश्चरस्तवराज, शिव चालीसा का पाठ और आरती भी करनी चाहिए।

शनि प्रदोष पर पार्थिव शिवलिंग का तेल से अभिषेक करना चाहिए। शनि प्रदोष पर महाकाल के दर्शन करने से विशेष पुण्य फल मिलता है। अत: हो सके तो इस दिन महाकाल के दर्शन अवश्य करना चाहिए। शनि प्रदोष पर भगवान भोलेनाथ को शक्कर का भोग लगाएं।

शनि प्रदोष व्रत शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के लिए उत्तम होता है। यह व्रत करने वाले को शनि प्रदोष के दिन प्रात:काल में भगवान शिवशंकर की पूजा-अर्चना करनी चाहिए, तत्पश्चात शनिदेव का पूजन करना चाहिए।

इसके अलावा दूध, दही, घी, नर्मदा जल, गंगा जल, शहद से अभिषेक करना चाहिए। श्रावण मास के अवसर पर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कराया जा रहा है। इस दिन शिव चालीसा, प्रदोष स्तोत्र, कथा, शिवजी की आरती और मंत्रों के जाप से शनि संबंधित दोषों से मुक्ति मिलती है।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: मैथ जीनियस शकुंतला देवी की ज़िंदगी पर शानदार फिल्म
Next: अमेरिका-चीन के तनाव में फंसी दुनिया भर की सियासत

Related Stories

SIR Protest
  • ताजा तरीन
  • राष्ट्रीय

SIR Protest: दिल्ली में प्रदर्शन तेज, 1 नवंबर की रैली पर नजर

infopost October 24, 2026 0
November 1 Rally
  • ताजा तरीन
  • सत्ता की सियासत

November 1 Rally: विपक्ष के बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

infopost October 24, 2026 0
Election Transparency
  • ताजा तरीन
  • सत्ता की सियासत

Election Transparency: लोकतंत्र में बढ़ती राजनीतिक बहस

infopost October 23, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.