Nationalist Political Party: नई दिल्ली में देश प्रथम पार्टी ने अपनी राजनीतिक विचारधारा और भावी दिशा सामने रखी। पार्टी अध्यक्ष राजेश कालिया ने राष्ट्रहित, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों को केंद्र में रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से विचारों को जनता तक पहुंचाने की बात कही। देश प्रथम पार्टी ने हिंदू राष्ट्र की स्थापना को अपना वैचारिक संकल्प बताते हुए भारत के मुस्लिम नागरिकों को भी देश का अभिन्न हिस्सा बताया। पार्टी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारतीय जनसंघ की वैचारिक विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
Nationalist Political Party: देश प्रथम पार्टी की राजनीतिक विचारधारा
इंफोपोस्ट/Nationalist Political Party/नई दिल्ली
देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय मूल्यों और राष्ट्रवादी विचारधारा को केंद्र में रखकर नवगठित देश प्रथम पार्टी ने अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बुधवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता राजेश कालिया ने संगठन के उद्देश्यों और वैचारिक दृष्टिकोण को सामने रखा।
राजेश कालिया ने कहा कि पार्टी का मूल मंत्र ‘राष्ट्रहित सर्वोपरि’ है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ हिंदू राष्ट्र की स्थापना को अपना वैचारिक संकल्प मानती है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में रहने वाला मुसलमान भी देश का अभिन्न हिस्सा है और उसे अन्य नागरिकों की तरह देश के विकास में भागीदारी तथा समान सुविधाएं और अवसर मिलने चाहिए।
सभी नागरिकों को समान दृष्टि से देखने की बात
राजेश कालिया ने कहा कि पार्टी भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार संविधान की प्रस्तावना में अपने इस विचार को शामिल कराने का प्रयास करेगी। उनके मुताबिक देश के सभी नागरिकों और विभिन्न जाति एवं धर्मों को समान दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश प्रथम पार्टी भारत की सांस्कृतिक पहचान, प्राचीन सभ्यता, परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से काम करेगी। पार्टी राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनसंवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी विचारधारा को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने की बात कर रही है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को आगे बढ़ाने का दावा
पार्टी की वैचारिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए राजेश कालिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल डॉ. मुखर्जी की राष्ट्रवादी विचारधारा का उल्लेख करते हैं, लेकिन देश प्रथम पार्टी इन विचारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।
उन्होंने भारतीय जनसंघ के इतिहास का भी उल्लेख किया। कालिया ने कहा कि वर्ष 1977 में जनता पार्टी के गठन के दौरान भारतीय जनसंघ का उसमें विलय हो गया था। देश प्रथम पार्टी अब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों, राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय हितों से जुड़ी उस वैचारिक परंपरा को नए सिरे से आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी।
‘दीपक’ चुनाव चिह्न का भी किया उल्लेख
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनसंघ के ऐतिहासिक चुनाव चिह्न ‘दीपक’ का भी उल्लेख किया गया। राजेश कालिया ने इसे प्रकाश, जागरूकता और वैचारिक चेतना का प्रतीक बताया। उन्होंने पार्टी की वैचारिक प्रस्तुति में इस ऐतिहासिक प्रतीक के महत्व को सामने रखा।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी चुनाव चिह्न का आधिकारिक आवंटन और उपयोग निर्वाचन संबंधी नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप ही किया जाएगा। इस तरह पार्टी ने ‘दीपक’ के ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए चुनाव चिह्न के आधिकारिक इस्तेमाल को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ा।
जनभागीदारी और जनसंवाद पर जोर
देश प्रथम पार्टी ने जनता की भागीदारी और जनसंवाद को अपनी राजनीतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण आधार बताया है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच व्यापक चर्चा होनी चाहिए और राजनीतिक विचारों को लोकतांत्रिक तरीके से जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
पार्टी के अनुसार राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रहित से जुड़े विषय उसके प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल होंगे। संगठन लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित करने और अपनी विचारधारा को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कह रहा है।
राष्ट्रहित और सांस्कृतिक विरासत पर फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजेश कालिया ने पार्टी की राजनीतिक विचारधारा को भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़कर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि देश प्रथम पार्टी भारत की प्राचीन सभ्यता और परंपराओं को सशक्त करने के साथ राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सामाजिक और राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देना चाहती है।
पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। संगठन का कहना है कि जनता की भागीदारी के जरिए विचारधारा को आगे ले जाना और समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच संवाद स्थापित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
राजनीतिक पहचान स्थापित करने की तैयारी
Nationalist Political Party: देश प्रथम पार्टी ने अपनी राजनीतिक पहचान को राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय हितों से जोड़कर आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। पार्टी अध्यक्ष के अनुसार संगठन का उद्देश्य अपनी वैचारिक सोच को जमीनी स्तर पर जनता तक पहुंचाना और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर व्यापक जनसंवाद तैयार करना है।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पार्टी ने अपनी प्राथमिकताओं और वैचारिक प्रतिबद्धताओं को सार्वजनिक किया। पार्टी ने हिंदू राष्ट्र की स्थापना को अपने वैचारिक संकल्प से जोड़ते हुए मुस्लिम नागरिकों को भी देश का अभिन्न हिस्सा बताया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही।


