Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

September 1, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Khan Sir GS: कहीं आरएसएस की उपज तो नहीं पटना वाले खान सर!

May 27, 2021
Khan Sir GS

Khan Sir GS: कुछ दिनों से पटना वाले खान सर का नाम युवाओं में काफी लोकप्रियता बटोर रहा है। खान सर से प्रसिद्ध हो चुका यह व्यक्ति सोशल मीडिया पर एक अच्छा खासा नाम हो चुका है। यूट्यूब चैनल से इनकी आय 10 लाख रुपये प्रति माह बताई जा रही है। यानी जनरल स्टडीज़ वाले खान सर।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Khan Sir GS: मीडिया की चुप्पी का क्या है राज ?

चरण सिंह राजपूत


Khan Sir GS: अपने देसी अंदाज और टॉपिक को आसान बनाकर पढ़ाने के बलबूते  Khan Sir GS के बड़े स्तर पर फालोअर बन चुके हैं। इसके चैनल खान सर जीएस पर 92 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स बताए जा रहे हैं। अब यह व्यक्ति अचानक विवादों में आ गया है।

विवाद में आने के कारण इनके दो वीडियो क्लिप हैं, जिनमें एक में यह एक धर्म विशेष पर टिप्पणी करते दिखाई दे रहा है तो दूसरी में बता रहा है कि असल में वह खान है ही नहीं। कह रहा है कि समय आने पर सब कुछ पता चल जाएगा।

खान सर या अमित सिंह?

Khan Sir GS: यह अपने आप में दिलचस्प है कि खान सर के नाम से प्रसिद्ध हो चुका यह व्यक्ति अपने को अमित सिंह भी बता रहा है। जिस तरह का प्रोपेगंडा और इसकी भाषा है, ये सब पृष्ठभूमि आरएसएस की ओर इशारा कर रही है।

वैसे भी हिंदू महिला को बुर्का पहनाकर हिंदुओं के खिलाफ अनाप शनाप बुलवाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वैसे भी धर्म के नाम पर विवाद खड़ा करना आरएसएस की फितरत रही है। ऐसे में यह भी एक प्रश्न है कि इस विवादित मामले पर मीडिया चुप्पी क्यों साधे बैठा है।

सोशल मीडिया पर इतनी बड़ी बहस

Khan Sir GS: सोशल मीडिया पर इतनी बड़ी बहस चल रही है और गोदी मीडिया खामोश। यह भी अपने आप में एक पहेली की तरह है। क्या मामले की तह तक जाना मीडिया की जिम्मेदारी और जवाबदेही नहीं बनती? यह अपने आप में संशय ही है कि इनके यूट्यूब चैनल पर जो परिचय दिया हुआ है, उसमें भी नाम में सिर्फ खान सर लिखा है।

पटना का पता दर्ज है। दो फोन नंबर दर्ज हैं। द लल्लनटॉप ने ये दोनों नंबर मिलाए। एक भी नहीं लगा। अगर किसी कंपनी के आधिकारिक नंबर पिक न किए जाएं, तो उस कंपनी को क्या कहा जाएगा? पब्लिक फोरम में जो जानकारी उपलब्ध है, उसके अनुसार इस व्यक्ति का पूरा नाम फैज़ल खान है।

गोरखपुर वाले खान सर

खान सर नामक यह व्यक्ति उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पैदा हुआ है। एनडीए में जाना चाहता था। फिजिकल क्लियर नहीं हुआ तो छात्रों को पढ़ाने लगा। कोरोना की पहली लहर में कोचिंग बंद हुई तो यूट्यूब चैनल शुरू कर दिया।

पढ़ाने के अच्छे अंदाज और अच्छे रिसर्च के बलबूते चैनल जमकर हिट हुआ। फिलहाल खार सर पटना में रहता है। एक ठीकठाक टीम इस व्यक्ति के वीडियो प्रोडक्शन और रिसर्च के लिए काम करती है।

इस विवाद और खान सर बनाम अमित सिंह की पहचान को लेकर द लल्लनटॉप ने इस व्यक्ति से बात भी की है। पता चला है कि इसने बताया, ‘नाम से किसी को नहीं जानना चाहिए, बस इतना समझना चाहिए कि मेरा नाम क्या है, वो अलग बात है और लोग हमें क्या कहकर बुलाते हैं, वो अलग है।

नाम पर मैं बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देता

नेल्सन मंडेला को अफ्रीका का गांधी कहा जाता है। लेकिन इस आधार पर आप यह नहीं कह सकते कि वो गांधी हैं। मुझे क्या कहा जाता है, इस पर मैं बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देता। कुछ लोग मुझे कई नामों से बुलाते हैं। जिसमें से एक अमित भी है। खान सर बस एक टाइटल है।

खान सर का कहना है, मेरा मूल नाम नहीं है। मैंने अपना पूरा नाम कभी नहीं बताया। टाइम आएगा तो सबको पता चल जाएगा। नाम में कोई बहुत बड़ा रहस्य नहीं छुपा है। लेकिन एक ट्रेंड है तो उसे चलने दिया जाए।

फ्रांस-पाकिस्तान के संबंधों पर आधारित वीडियो

फ्रांस-पाकिस्तान के संबंधों पर आधारित एक वीडियो में एक जगह खान सर बताते हैं कि पाकिस्तान में फ्रांस के राजदूत को देश से वापस भेजने के लिए जमकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और इन विरोध-प्रदर्शनों में बच्चे भी हिस्सा ले रहे हैं। यहां पर विरोध प्रदर्शन करते बच्चे की तस्वीर को पॉइंट करके यह व्यक्ति बोलता है-

‘ई रैली में ये बेचारा बचवा है। इसको क्या पता कि राजदूत क्या चीज होता है। कोई पता नहीं है, लेकिन फ्रांस के राजदूत को बाहर ले जाएंगे। इनको कुछ पता नहीं है। बाबू लोग, तुम लोग पढ़ लो। अब्बा के कहने पर मत आओ। अब्बा तो पंचर साट ही रहे हैं (माने बना ही रहे हैं)।

तो बड़ा होकर तुम लोग भी पंचर साटेगा

ऐसा ही तुम लोग भी करेगा तो बड़ा होकर तुम लोग भी पंचर साटेगा। तो पंचर मत साटो वरना तुमको तो पता ही है कि कुछ नहीं होगा तो चौराहा पर बैठकर मीट काटेगा तुम। बकलोल कहीं के, बताइए, ये उमर है बच्चों को यहां पर लाने का ?

यह व्यक्ति आगे बिना किसी जाति-धर्म का नाम लिए एक आबादी विशेष पर भी टिप्पणी कर जाता है, लेकिन क्या ही कीजिएगा? 18-19 पैदा होंगे तो किस काम में आएंगे? कोई बर्तन धोएगा, कोई बकरी काटेगा, कोई पंचर बनाएगा। इस व्यक्ति की यह वीडियो 5 मिनट 5 सेकंड की है।

वीडियो की क्लिप ट्विटर पर वायरल

बस इसी वीडियो की क्लिप ट्विटर पर वायरल हुई तो इसे धर्म विशेष के खिलाफ बता कर ट्रेंड किया जाने लगा। सना खैर नाम की यूजऱ ने लिखा। खान सर तो कंगना रनौत का मेल वर्जन हैं। जीएस की तैयारी करने वालों को सिखाया जाना चाहिए कि किस तरह नफरत फैलाने की जगह धार्मिक सद्भाव की बात करें।

यूट्यूब से गुज़ारिश है कि इन्हें एंटरटेन करना बंद करें। लोगों ने इन्हें संघी और इस्लामोफोबिक भी बता दिया। वहीं कुछ लोगों ने लिखा कि वो खान सर को सपोर्ट करते हैं क्योंकि उन्होंने कुछ ग़लत नहीं लिखा। लोग उनके मोटिवेशनल वीडियो भी खोज लाए और एपीजे अब्दुल कलाम तक का जि़क्र करके ट्वीट दागे गए। खान सर या अमित सिंह?

एक और वीडियो क्लिप आई सामने

लेकिन इन सबके बीच ट्विटर पर एक तबका ऐसा भी है जो खान सर के नाम से प्रसिद्ध हो चुके इस व्यक्ति की एक और वीडियो क्लिप खोज लाया। इसमें वो कह रहे हैं कि उनका असली नाम खान नहीं, बल्कि अमित सिंह है। वीडियो में वो कह रहे हैं-

मेरा खान सर नाम नहीं है। तुम लोगों को एक मिस्ट्री बताता हूं। हम जब पढ़ाने गए थे, तो हम टीचर ही नहीं थे। एक कोचिंग थी, जिसने कमाने के लिए लड़कों को तो रख लिया, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए टीचर ही नहीं थे। तो हमें बुलाया गया कि सर आइए, एक बार क्लास लीजिए।

न आपको अपना नाम बताना है, न मोबाइल नंबर

पहले दिन 6 लड़के थे। अगले दिन 40-50। उसके अगले दिन 150। अब उन सबको (कोचिंग वालों को) डर हो गया कि अगर ये मास्टर यहां से हट गया तो सब लड़के इसके पीछे चले जाएंगे। तो उन्होंने हमसे कहा कि न आपको अपना नाम बताना है, न मोबाइल नंबर।

हमने कहा कि हमको क्या मतलब इन सबसे, हमने न किसी को नाम बताया, न मोबाइल नंबर। हम अपना नाम जीएस टीचर बता देते थे। बाद में उन लोगों ने ही एक नाम जुगाड़ दिया- खान सर। जबकि ऐसे लोग हमको अमित सिंह कहकर बुलाते हैं। हम इसीलिए कहते हैं कि आप हमको समझ सको, इतनी आपमें समझ नहीं।

नफरत फैला रहा है ये आदमी!

इस क्लिप के आते ही ट्विटर पर जनता एक्टिव हो गई। समझ आना ही बंद हो गया कि कौन इनके पक्ष में रहा, कौन विरोध में, अब इससे जुड़े ट्वीट्स देखिए। एक यूजर ने लिखा कि ये आदमी लोगों के बीच नफरत फैला रहा है।

ये खुद को टीचर कैसे कह सकता है? एक ये क्लिप भी पोस्ट की गई, जिसमें वे सुरेश और अब्दुल नाम के सहारे हिंदी के समास समझा रहे हैं। लेकिन उदाहरण बिल्कुल ठीक नहीं रहा। और भी क्लिप्स निकाली गईं।

कौन हैं खान सर?

पंचर बनाने और एक समुदाय विशेष के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के आरोपों पर इसने बताया बताया-‘अप्रैल का वीडियो है। उस वीडियो से अगर कोई समस्या होती तो ये विवाद अप्रैल में शुरू होता। वो फ्रांस का विवाद था। वहां के लोगों को मैंने बस इतना बोला था कि आपस में मिल जुलकर रहना चाहिए।

अगर विवाद पर फ्रांस के राजदूत को निकालेंगे तो कल को कोई और देश बोलगा। तो आप कितने देशों के राजदूत को निकालते चले जाएंगे। उसमें कुछ प्रोटेस्ट की फोटो भी थीं, जिनमें छोटे बच्चे भी थे। मैंने बस जोर देकर ये कहा था कि बच्चों को स्कूल जाना चाहिए, उन्हें तो राजदूत का मतलब भी नहीं पता।

ये सब पाकिस्तान के बारे में कहा था

ये सब पाकिस्तान के बारे में कहा था। पाकिस्तान के बारे में बोलने का मतलब यह नहीं है कि किसी धर्म के बारे में बोल रहे हैं। अगर कोई कहता है कि हिंदुस्तान के लोगों की शिक्षा को और बेहतर करना है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वो किसी धर्म के बारे में बोल रहा है।

अब कोई जबरदस्ती धर्म को बीच में ले आए तो हम क्या कर सकते हैं। उन्होंने बस उन बच्चों के लिए कहा था कि पढ़ाई लिखाई कर लो, नहीं पढ़ोगे तो कोई अच्छा काम नहीं कर पाओगे। इसी पर पंचर बनाने का उदाहरण दे दिया था। अब कोई पढ़ा-लिखा होगा तो भूखे तो मरेगा नहीं। इसमें यह कह देना कि इस्लाम धर्म को निशाना बनाया, सही नहीं है।

आधा सच पूरे झूठ से ज्यादा खतरनाक

खान सर ने बताया कि उन्होंने कभी भी हिंदू धर्म और इस्लाम धर्म को निशाना नहीं बनाया। जिन लोगों को उस वीडियो से समस्या है, उनसे कहिए कि उस क्लिप के 10 मिनट पहले का हिस्सा और 10 मिनट बाद का हिस्सा भी चलाएं। क्योंकि आधा सच पूरे झूठ से ज्यादा खतरनाक होता है। उन्होंने कहा कि कोई अगर उस वीडियो को तोड़-मरोड़कर आधा-अधूरा देखेगा तो उसे तकलीफ होगी ही। लेकिन किसी को तकलीफ पहुंचाने का इरादा कभी नहीं रहा।

उन्होंने बताया कि उनका इरादा बस इतना है कि जो बच्चे सिविल सेवा परीक्षा में बैठ रहे हैं, उन्हें एग्जाम में अंतरराष्ट्रीय टॉपिक पर दो पेज लिखना होता है। जैसे इजरायल और फिलिस्तीन का मामला है। उसमें आपकी भावनाएं काम नहीं आएंगी, तो इस हिसाब से पूरा मामला विस्तार से बताना पड़ता है। ताकि बच्चों को समझ आ जाए, उन्हें याद रहे कहानी के तौर पर।

शीघ्र असली नाम बताएंगे खान सर

Khan Sir GS: यह भी कहा कि वह अभी तक 10 हजार घंटे से ज्यादा पढ़ा चुके हैं। उसमें से अगर किसी को 20 सेकेंड की क्लिप से समस्या हो रही है, तो इसका मतलब कि वो हकीकत से दूर है। पाकिस्तान की सड़कों पर इतना दंगा हुआ कि इमरान खान को ट्वीट करके बोलना पड़ गया। खैर। खान सर ने वादा किया है कि शीघ्र ही वह अपना असली नाम बता देंगे। उनके बारे में आप क्या सोचते हैं, कमेंट करके बता सकते हैं।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: Walk-in Vaccination: क्या सीधे सेंटर पर लग जाएगा टीका?
Next: Chaudhary Charan Singh: चौधरी चरण सिंह जैसे किसान नेता की जरूरत

Related Stories

Ram Mandir Trust Controversy
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Ram Mandir Trust Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

infopost June 27, 2026
Narendra Modi IVLP Program
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Narendra Modi IVLP Program: क्या 1993 का अमेरिकी कार्यक्रम आज भी खड़ा करता है सवाल?

infopost June 27, 2026
Global Diplomacy
  • अंतरराष्ट्रीय
  • ख़ास ख़बर

Global Diplomacy: ईरान-अमेरिका वार्ता के बाद बदले पश्चिम एशिया के समीकरण?

infopost June 26, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.