Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

August 30, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • संस्कार

ऋग्वेद के पहले 9 मंत्रों में बताया गया अग्निदेव का महत्व

September 28, 2020
agnidev

सत्य ऋषि

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

आप जानते हैं कि अग्नि के बिना संसार का कोई भी काम चल ही नहीं सकता। न भोजन बन सकता है और न ही किसी प्रकार का वाहन चल सकता है। इसलिए ऋग्वेद के पहले सूक्त में अग्निदेव की स्तुति की गई है। उनसे यज्ञ में सभी देवताओं के साथ पधारने की प्रार्थना की गई है। इस सूक्त में कुल 9 मंत्र हैं, जिनमें से पहले मंत्र के बारे में आप जान चुके हैं। अब शेष आठ मंत्रों की चर्चा करते हैं।

अग्निःपुर्वेभिर्ऋषिभीरीडयो नूतनैरुत। स देवाँ एह वक्षति।2।

अर्थात, हे अग्निदेव! आप की प्रशंसा का पूर्वकालीन ऋषियों (अर्थात ऋषि भृगु और ऋषि अंगिरा आदि) ने की है। आप आने वाले समय में भी हमेशा पूजनीय और स्तुत्य हैं। आप कृपा कर इस यज्ञ में देवाताओं का आवाहन करें और हमें पुण्य फल प्राप्ति में सहायक बनें।

अग्निनारयिमश्नवत् पोषमेव दिवेदिवे। यशसं वीरवतमम्।3।

अर्थात, हे अग्निदेव! हम आपकी स्तुति करते हैं। आप सभी याजकों/यजमानों/ मनुष्यों को यश, धन, सुख, समृद्धि, पुत्र–पौत्र, विवेक और बल प्रदान करने वाले हैं।

अग्नेयं यज्ञमध्वरं विश्वतः परिभूरसि। स इछेवेषु गच्छति।4।

यहां बताया गया है कि यज्ञ को देवताओं तक पहुंचाने में अग्नि देव की क्या महत्ता है और कहा गया है कि हे अग्नि देव! आप सबकी रक्षा करते हैं और जिस यज्ञ को हिंसा रहित तरीके से रक्षित और आवृत करते हैं वही यज्ञ देवताओं तक पहुंच पाता है।

अग्निहोंताकविक्रतु: सत्यश्चित्रश्र्वस्तमः। देवो देवेभिरा गमत्।5।

इस मंत्र में अग्निदेव को सभी देवताओं के साथ यज्ञ में पधारने का आवाहन किया गया है और कहा गया है कि हे अग्निदेव! आप सत्य रूप हैं। आप ज्ञान और कर्म की संयुक्त शक्ति के प्रेरक हैं और आपका रूप विलक्षण है। आप इस यज्ञ में सभी देवों के साथ पधार कर इस यज्ञ को पूर्ण करें।

यद्डग्दाशुषे त्वमग्ने भद्रं करिष्यसि। तवेत्त् सत्यमडिग्र:।6।

यहां कहा गया है कि सब कुछ आपका ही है। सब कुछ आपसे ही प्राप्त हुआ है और सब कुछ वापस आपके ही पास आना है। कहा गया है कि हे अग्निदेव! आप जो मनुष्यों को रहने के लिए घर, जीवन यापन के लिए धन, संतान या पशु आदि देकर समृद्ध करते हो और उनका कल्याण करते हो वह यज्ञ से आपको ही प्राप्त होता है।

उपत्वाग्ने दिवेदिवे दोषावस्तर्धिया वयम् | नमो भरन्त एमसी || 7 ||

इस मंत्र में कहा गया है कि हे अग्निदेव !हम सब आपके सच्चे उपासक है और पूरी श्रद्धा से आपकी उपसना करते है, हम अपनीश्रेष्ठ बुद्धि से दिन रात आपकी स्तुति व आपका सतत गुणगान करते है. साथ हीअग्निदेव से प्रार्थना की जाती है कि हे अग्निदेव ! हम सबको हमेशा आपका सान्निध्यप्राप्त हो.

राजन्तमध्वराणांगोपामृतस्य दीदिविम्। वर्धमानं स्वे दमे।8।

यहां भी अग्निदेव की प्रशंसा की गई है और कहा गया है कि हम सब गृहस्थ लोग हैं और आप (अग्निदेव) सभी यज्ञों की रक्षा करते हैं। सत्य वचन रूप व्रतों को आलोकित करते हैं। यज्ञ स्थलों में वृद्धि करते हैं। हम सब आपके समीप आते हैं और आपकी स्तुति करते हैं।

सनः पितेव सूनवेग्ने सूपायनो भव। सचस्वा नः स्वस्तये।9।

इस मंत्र में अग्निदेव को पिता का दर्जा देते हुए प्रार्थना की गई है कि हे गार्हपत्य अग्ने! जिस प्रकार हर पुत्र को पिता सुखपूर्वक प्राप्त हो जाते हैं, उसी प्रकार आप भी हमेशा हमारे साथ रहें और हम पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: जनहित को सर्वोपरि रखने वाले जसवंत सिंह नहीं रहे
Next: श्रमिकों की बर्बादी का फरमान है श्रम कानून में संशोधन

Related Stories

Ram Mandir Trust Controversy
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Ram Mandir Trust Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

infopost June 27, 2026
Narendra Modi IVLP Program
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Narendra Modi IVLP Program: क्या 1993 का अमेरिकी कार्यक्रम आज भी खड़ा करता है सवाल?

infopost June 27, 2026
Global Diplomacy
  • अंतरराष्ट्रीय
  • ख़ास ख़बर

Global Diplomacy: ईरान-अमेरिका वार्ता के बाद बदले पश्चिम एशिया के समीकरण?

infopost June 26, 2026

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.