Food Adulteration Action: नए साल पर नोएडा–ग्रेटर नोएडा में मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई। खाद्य विभाग ने दूध, पनीर, मिठाई और मसालों में मिलावट पर 3.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। अब मिलावटखोरों के लिए जुर्माना ही नहीं, जेल भी तय!
Food Adulteration Action: नोएडा–ग्रेटर नोएडा में 3.5 करोड़ रुपये का जुर्माना
नोएडा/इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क/Food Adulteration Action
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नए साल की खुशियों के बीच जहां लोग जश्न मना रहे थे, वहीं कुछ लोग जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहे थे। लेकिन अब ऐसे मिलावटखोरों की खैर नहीं। उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मिलावट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
इस बड़े अभियान के तहत विभाग ने 3.5 करोड़ रुपये का जुर्माना, सैकड़ों खाद्य नमूने फेल, और दर्जनों प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की है। कई जगहों पर मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त कर मौके पर ही नष्ट की गई।
सैकड़ों खाद्य नमूने फेल, खतरनाक मिलावट का खुलासा
खाद्य विभाग की जांच में जो सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला है। दूध में डिटर्जेंट और सिंथेटिक केमिकल पाया गया। पनीर में स्टार्च और यूरिया की मिलावट का खुलासा हुआ। मिठाइयों में घातक रंग और सड़ा हुआ मावा पाया गया। मसालों में ईंट का चूरा और केमिकल पाउडर मिलाया गया था।
यानी रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीज़ें धीरे-धीरे ज़हर बन रही थीं, जो बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों के लिए बेहद खतरनाक हैं। नववर्ष और त्योहारों को देखते हुए खाद्य विभाग ने ‘Zero Tolerance Policy’ अपनाई है। अधिकारियों के अनुसार, इन दिनों मिलावटखोरों की गतिविधियाँ तेजी से बढ़ जाती हैं।
बिना पूर्व सूचना दुकानों की गहन जांच की गई
इसी वजह से, बिना पूर्व सूचना छापेमारी, अचानक निरीक्षण और सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी खुद मैदान में उतरे और दुकानों, फैक्ट्रियों, ढाबों, मिठाई की दुकानों की गहन जांच की गई। जनता से शिकायतें मिलीं थीं और सोशल मीडिया, हेल्पलाइन पर इनपुट आया था। इसी के आधार पर स्पेशल टीमें गठित की गईं। अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की गई। मौके पर सैंपल का कलेक्शन किया गया। लैब टेस्ट में मिलावट की पुष्टि हो गई।
फूड सेफ्टी एक्ट के तहत भारी जुर्माना लगाया गया। अब सिर्फ जुर्माना नहीं, जेल भी संभव हो गई है। खाद्य विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि बार-बार पकड़े जाने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और दुकान को सील कर दिया जाएगा। जेल की सजा भी हो सकती है और दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा
Food Adulteration Action: “हमारी प्राथमिकता जनता की सेहत है। मुनाफे के लिए किसी को भी लोगों की जान से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।” इस कार्रवाई से आम लोगों ने राहत की सांस ली है। नोएडा के निवासियों का कहना है, “अक्सर शक होता था, लेकिन कार्रवाई नहीं होती थी।
इस बार प्रशासन ने सही और सख्त कदम उठाया है।” आप भी रहें सतर्क — खाद्य विभाग की सलाह है कि बहुत सस्ता सामान खरीदने से बचें। खुले में बिक रही मिठाइयों से सावधान रहें। दूध और पनीर भरोसेमंद जगह से ही लें। शक होने पर तुरंत शिकायत करें। खाद्य सुरक्षा हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। अब साफ है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मिलावटखोरों के लिए कोई जगह नहीं बची है। प्रशासन सख्त है, कानून तैयार है और जनता अब जागरूक हो रही है।


