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cinema and journalism: सिनेमा और पत्रकारिता एक ही सिक्के के दो पहलू

February 15, 2022
cinema and journalism

cinema and journalism: पत्रकारिता पिछले कुछ दशकों से कई बड़े तकनीकी परिवर्तनों से गुजर रही है। सिनेमा भी उससे अछूता नहीं है। दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।


श्रीकांत सिंह

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cinema and journalism: पत्रकारिता के बिना सिनेमा अधूरा, कलम पर हो भरोसा

cinema and journalism: सिनेमा और पत्रकारिता के बीच संबंध न्यू मीडिया का चलन और व्यवहार विषय पर 10वें ग्लोबल फेस्टिवल ऑफ़ जर्नलिज्म के अंतिम दिन वेबिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एएएफटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. संदीप मारवाह ने कहा कि पत्रकारिता पिछले कुछ दशकों से कई बड़े तकनीकी परिवर्तनों से गुजर रही है।

इन परिवर्तनों की गति दिनोंदिन तेज हो रही है। सिनेमा हमारी पहचान है। उसके बिना हमारा जीवन अधूरा सा लगता है। लेकिन अब जमाना बदल गया है। फिल्म का एक गाना सोशल मीडिया पर डाल दिया जाता है तो उस पर इतने वीडियो आ जाते हैं कि रिलीज़ होन से पहले ही फिल्म हिट हो जाती है। इसीलिए सिनेमा और पत्रकारिता एक सिक्के के दो पहलू हैं।

लेखक कवि लक्ष्मीशंकर बाजपेयी, भारती प्रधान फिल्म क्रिटिक, पूर्व गवर्नर सिक्किम बाल्मीकि प्रसाद सिंह, सुशील भारती डायरेक्टर ब्रॉडकास्टिंग, आर.के. सिंह इंजीनियर इन चीफ दूरदर्शन और कुंवर शेखर विजेंद्र चांसलर शोभित यूनिवर्सिटी ने वेबिनार में शिरकत की।

cinema and journalism: अब हर सेकेंड में फोन पर मिल जाती है एक नई खबर
लक्ष्मी शंकर बाजपेयी ने कहा कि पत्रकार को अपनी पत्रकारिता और कलम पर भरोसा होना चाहिए। आज की मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। तकनीक बढ़ रही है। पहले सिर्फ समाचार पत्र होता था। लेकिन अब आपको हर सेकेंड में नई खबर मिलती रहती है आपके मोबाइल में।

भारती प्रधान ने कहा कि शुरू से ही पत्रकारिता के बिना सिनेमा अधूरा रहा है। जब भी कोई फिल्म बनती है तो फिल्म क्रिटिक को दिखाई जाती है। तब उनसे पूछा जाता है कि फिल्म में क्या कमी रह गई। इस प्रकार उनके विचार जानकर कई बार फिल्म का एंड भी बदल दिया जाता है। बाल्मीकि प्रसाद सिंह ने कहा कि पत्रकारिता अपने पाठकों को इतिहास में झांकने के लिए प्रेरित करती है तो फिल्म फिक्शन में जीने के लिए आकर्षित करती है।

संदीप मारवाह के मुताबिक, तीन दिवसीय समारोह में 9 सत्र, 17 कार्यक्रम, 135 वक्ताओं के साथ 3 पुरस्कार समारोहों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को 25 देशों में देखा गया। सेमिनार, फोटोग्राफी प्रदर्शनियां, किताबों का विमोचन, पोस्टर विमोचन और एक वीडियो लॉन्च इस मेगा इवेंट का हिस्सा रहे।

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