The Bihar government has filed a caveat petition before the Supreme Court in the matter of caste-based enumeration and economic survey. The government has taken this step after the decision of the Patna High Court.
caste based enumeration: बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना एवं आर्थिक सर्वेक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कैविएट याचिका दायर की है। पटना हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
caste based enumeration: कहा- हमारा पक्ष सुनने के बाद दें फैसला
इंफोपोस्ट डेस्क।
नयी दिल्ली। बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना एवं आर्थिक सर्वेक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कैविएट याचिका दायर की है। आम भाषा में कहें तो इस अर्जी द्वारा गुहार की गई है कि बिहार सरकार का पक्ष सुने बगैर सुप्रीम कोर्ट कोई आदेश जारी न करे। बिहार सरकार ने यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया है। बता दें कि मंगलवार को ही पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन एवं न्यायाधीश पार्थ सारथी की खंडपीठ ने अपना निर्णय सुनाते हुए जाति आधारित गणना एवं आर्थिक सर्वेक्षण को हरी झंडी दे दी थी। कोर्ट ने सरकार के कदम को सही ठहराते हुए इसे जारी रखने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने इसे चुनौती देने वाली उन आधा दर्जन याचिकाओं को निरस्त कर दिया था।।
caste based enumeration: इसमें प्रश्न उठाया गया था कि ऐसा करने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने कहा था वे हाई कोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा इस गणना का 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। पहले चरण की जाति आधारित गणना सात जनवरी से 21 जनवरी के बीच हुई। वहीं, दूसरे चरण की गणना 15 अप्रैल को शुरू हुई थी, जिसे 15 मई तक संपन्न किया जाना था।
गणना एक सप्ताह में पूरी करने का आदेश
जाति आधारित गणना बुधवार को सभी जगह शुरू हो गई। पटना डीएम डा. चंद्रशेखर सिंह ने गणना में लगे लोगों को एक सप्ताह में इसे पूरा करने को कहा है। डीएम ने पत्रकारों को बताया कि दूसरे चरण में पटना के नौ लाख 35 हजार परिवारों की गणना की जा चुकी है। अब 13 लाख 69 हजार 73 में से चार लाख से कुछ अधिक परिवारों का सर्वेक्षण बाकी है। इसे हमने एक सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। फिजिकल सर्वे का काम घर-घर जाकर करना है। इसके लिए तीन से चार दिनों का समय रखा गया है। इससे पहले डीएम प्रखंड कार्यालय पहुंचे और गणना के लिए प्रपत्र वितरण का काम देखा। प्रगणकों से कहा कि घबराएं नहीं, सहज तरीके से जानकारी एकत्र कर उन्हें प्रपत्र में भरें। समझाया कि शुद्धता का पूरा ध्यान रखें। निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ डीडीसी तनय सुलतानिया, फुलवारीशरीफ नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद की सीआरपी राधा कुमारी, शोभा और स्मिता के साथ विकास मित्र सह प्रगणक रजनी कुमारी एवं अन्य कर्मी मौजूद थे।


