BJP Noida Unit: भाजपा की नोएडा इकाई ने डॉक्टर महेश शर्मा में अटूट विश्वास जताया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज गुप्ता के मुताबिक, पार्टी के लिए डॉक्टर शर्मा के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्योंकि वह सदैव पार्टी के सच्चे सिपाही के रूप में कार्य करते रहे हैं।
BJP Noida Unit: लोकसभा प्रत्याशी चुनने का अधिकार राष्ट्रीय नेतृत्व को
इंफोपोस्ट न्यूज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नोएडा, उत्तर प्रदेश। BJP Noida Unit: भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा है कि लोकसभा प्रत्याशी चुनने का अधिकार हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व को है। क्योंकि राष्ट्रीय नेतृत्व का जो आदेश होता है, उसी के अनुसार संगठन कार्य करता है।
डॉक्टर महेश शर्मा हमारे लोकप्रिय सांसद हैं। तभी तो उन्हें हमेशा जनता का समर्थन मिलता है। इसी समर्थन के बल पर वह दो बार सांसद चुने गए। नोएडा विधानसभा क्षेत्र का पहला विधायक बनने का उन्हें गौरव प्राप्त है। गौतमबुद्ध नगर जिले में पार्टी का जनाधार बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
डॉक्टर महेश शर्मा को बताया पार्टी का सच्चा सिपाही
विषम से विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन नहीं छोड़ा। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उनके हौसले कभी पस्त नहीं हुए। पार्टी में वह निरंतर एक सच्चे सिपाही के रूप में कार्य कर रहे हैं।
बावजूद इसके, उनके खिलाफ एजेंडे चलाए जा रहे हैं। हम एजेंडाबाजों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होने देंगे। यहां तक कि कुछ खबरिया चैनलों ने अलग प्रत्याशी की भी घोषणा कर दी है। ऐसे कथित प्रत्याशी को अगर राजनीति करनी है तो वह सबसे पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा दें। फिर राजनीति करने के लिए आगे आएं।
कथित प्रत्याशी ने नौजवान पीढ़ी को बर्बाद किया!
बताना जरूरी है कि उक्त कथित प्रत्याशी जब तक गौतमबुद्ध नगर में अधिकारी रहे, अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करते रहे। तभी तो उनके गलत फैसले आज भी नजीर बने हुए हैं। उन्होंने हमारे क्षेत्र की नौजवान पीढ़ी को बर्बाद करने का कार्य किया। मामूली विवाद में भी धारा 151 के तहत यहां के नौजवानों को 14 दिनों के लिए जेल में डाल दिया जाता था।
इन कार्रवाइयों से नौजवानों के भविष्य पर आज भी खतरा बना हुआ है। मैं ऐसे अधिकारी के खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव से लिखित शिकायत करूंगा। ताकि ऐसे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके और ऐसे कारनामों की पुनरावृत्ति न होने पाए।


