BJP National President: नितिन नवीन बने भाजपा के 12वें और सबसे युवा (45 वर्ष) राष्ट्रीय अध्यक्ष। 20 जनवरी 2026 को निर्विरोध चुने गए, पीएम मोदी ने उन्हें अपना ‘बॉस’ बताया। जानें उनके राजनीतिक सफर, चुनाव प्रक्रिया और पार्टी में generational shift की पूरी खबर।
BJP National President: सबसे युवा नेता ने संभाली कमान
इंफोपोस्ट न्यूजडेस्क/नई दिल्ली/BJP National President
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आज एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जब 45 वर्षीय नितिन नवीन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर लिया। वे जगत प्रकाश नड्डा की जगह पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। यह भाजपा के 45 वर्षों के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का गौरवशाली क्षण है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने नितिन नवीन का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें पार्टी मामलों में अपना “बॉस” बताते हुए कहा, “अब पार्टी के फैसलों में नितिन नवीन की भूमिका सर्वोपरि होगी।”
मोदी ने नितिन नवीन को “मिलेनियल बॉस” कहा
उन्होंने नितिन नवीन को “मिलेनियल बॉस” भी कहा और जोर दिया कि पार्टी में कार्यकर्ता से ऊपर कोई नहीं है।निर्विरोध चुनाव और प्रक्रियाभाजपा ने पिछले साल से संगठनात्मक चुनाव शुरू किए थे, जो जिला से राष्ट्रीय स्तर तक चले। 16 जनवरी 2026 को चुनाव अधिसूचना जारी हुई, जबकि 19 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई।
नितिन नवीन के पक्ष में 37 प्रस्तावक आए, जिनमें पीएम मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव जैसे बड़े नाम शामिल थे। किसी अन्य उम्मीदवार के न होने के कारण वे निर्विरोध चुने गए। राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने उनका नाम घोषित किया और चुनाव प्रमाण-पत्र सौंपा।नितिन नवीन को दिसंबर 2025 में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, और आज का पदभार ग्रहण उन्हें पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाता है।
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर
उनका तीन वर्षीय कार्यकाल 2029 के लोकसभा चुनाव तक पार्टी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को बिहार में हुआ। वे दिवंगत वरिष्ठ भाजपा नेता और चार बार के विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। राजनीति में प्रवेश 2006 में पिता की मृत्यु के बाद हुआ, जब उन्होंने पटना पश्चिम सीट से उपचुनाव जीता। तब से वे बिहार विधानसभा के पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं और वर्तमान में बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
पार्टी में उन्होंने विभिन्न संगठनात्मक भूमिकाएं निभाईं, जैसे बिहार भाजपा के संगठन महामंत्री और राज्य उपाध्यक्ष। उन्हें मेहनती, संगठन-कुशल और पार्टी-प्रथम नेता के रूप में जाना जाता है। उनकी शैली में युवा ऊर्जा, प्रशासनिक क्षमता और जमीनी जुड़ाव का अनूठा मिश्रण है। वे भाजपा के पहले बिहारी नेता हैं जो राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, जो पार्टी के पूर्वी भारत विस्तार को दर्शाता है।पार्टी में generational shiftयह परिवर्तन भाजपा में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का स्पष्ट संकेत है। इससे पहले सबसे युवा अध्यक्ष नितिन गडकरी थे।
विपक्षी एकता, आर्थिक मुद्दे, बेरोजगारी और महंगाई जैसी चुनौतियां
BJP National President: पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें बधाई दी और कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी नई ऊंचाइयों को छुएगी। अमित शाह और अन्य नेताओं ने भी उनकी संगठन क्षमता की सराहना की। नितिन नवीन ने पदभार संभालने से पहले दिल्ली के कई मंदिरों और गुरुद्वारे में दर्शन किए। उन्होंने कहा, “यह साधारण कार्यकर्ता को असाधारण सम्मान है।” उनका फोकस पार्टी को मजबूत बनाने पर है, खासकर पूर्वी भारत में।
नितिन नवीन के सामने विपक्षी एकता, आर्थिक मुद्दे, बेरोजगारी और महंगाई जैसी चुनौतियां हैं। उन्हें संगठन को एकजुट रखते हुए मोदी-शाह के नेतृत्व का समर्थन करना होगा। कांग्रेस ने इस पर तंज कसे और “बिग बॉस” व “यंगर पीएम” जैसे कमेंट्स किए, लेकिन भाजपा इसे युवा नेतृत्व का प्रमाण मान रही है। यह पदभार ग्रहण भाजपा में “नवीन युग” की शुरुआत माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं में उत्साह है और उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में पार्टी और मजबूत होगी।


