Bank customer: खंडवा में बैंक ग्राहक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि सहकारी बैंक में ब्याज दर भी राष्ट्रीयकृत बैंकों से ज्यादा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Bank customer: जिला सहकारी मर्यादित बैंक रोशनी में ग्राहक मिलन समारोह
सुनील कवड़े
खंडवा, मध्य प्रदेश। Bank customer: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रोशनी के शाखा प्रबंधक गणेश प्रसाद मनीकेल ने कहा है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की सेवाएं भी राष्ट्रीयकृत बैंकों के अनुरूप हैं।
हमारी सभी शाखाएं आनलाइन हैं। सहकारी बैंक में ब्याज दर भी राष्ट्रीयकृत बैंकों से ज्यादा है। ग्राहकों से आग्रह है कि वे जिला सहकारी बैंक की सेवाएं लेकर ज्यादा से ज्यादा अमानत हमारी शाखा में जमा करें।
वह शुक्रवार को शाखा परिसर में आयोजित ग्राहक मिलन समारोह में अतिथियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी शाखा अच्छी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है।
अमानत जमा करने का आग्रह
समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी प्रवीण जैन, विशेष अतिथि राधेश्याम पटेल, रामपाल कलमे पूर्व जनपद सदस्य लालू पालवी, मोतीलाल विश्वकर्मा थे। रोशनी सेवा सहकारी समिती के प्रबंधक अनिल कुमार सात्ले ने सहकारी समितियों में संचालित बचत बैंक का महत्व बताकर सहकारी समितियों में भी अमानत जमा करने का आग्रह किया।
समारोह का संचालन गणेश प्रसाद मनीकेल ने किया। जिला सहाकारी केन्द्रीय बैंक रोशनी एवं रोशनी पडल्या धावडी के तीनों समिति के समिति प्रबंधक अनिल कुमार सात्ले सुभाष पवार उप प्रबंधक तुलसीराम पालवी एवं कलीराम कलमे रेवाराम कलमे अमरसिग साठे समिति प्रबंधक समिति के वरिष्ठ रोशनी धावडी पडल्या की स्टाप को जिला सहाकारी केन्द्रीय बैंक के शाखा प्रबंधक मनीकेल ने ईमानदारी से काम करने की सलाह दी।
किसानों की भूमि का सीमांकन

खंडवा जिले से राजेश गंगराड़े ने खबर दी है कि तहसील पंधाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोरगांव बुजुर्ग और इस्लामपुर में राजस्व विभाग ने इटीएस मशीन से किसानों की भूमि का सीमांकन किया।
सोमवार को राजस्व निरिक्षक दीपक गीते और दल ने मिल कर बोरगांव बुजुर्ग के एक किसान और इस्लामपुर के एक किसान की भूमि का सीमांकन इटीएस मशीन से किया।
राजस्व निरिक्षक दीपक गीते ने बताया कि इन किसानों ने तहसील कार्यालय में अपनी भूमि का सीमांकन करने के लिए आवेदन दिए थे। सीमांकन के आदेश के बाद किसानों के खेतों में दल सहित पहुंच कर इटीएस मशीन से सीमांकन किया गया।


