अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन: डॉ. सरस्वती गौड़ को प्रमुख राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुवाहाटी में उनका अभिनंदन किया गया।
अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशनः गुवाहाटी में डॉ. गौड़ का अभिनंदन
इंफोपोस्ट/अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गुवाहाटी प्रवास के दौरान राजस्थान की समाजसेविका डॉ. सरस्वती गौड़ का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन की गुवाहाटी शाखा और गौड़ महिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में फाउंडेशन के मुख्य संरक्षक एवं उद्यमी रतन शर्मा ने डॉ. गौड़ को संगठन की प्रमुख राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपे जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में फाउंडेशन से जुड़े पदाधिकारियों, महिला समिति के सदस्यों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लिया।
रतन शर्मा ने डॉ. सरस्वती गौड़ का स्वागत करते हुए उनके सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र के अनुभव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. गौड़ के अनुभव, विद्वता और महिलाओं को संगठित करने की क्षमता का लाभ संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मिल सकता है। उनके अनुसार नई जिम्मेदारी के माध्यम से संगठन की गतिविधियों को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर काम किया जाएगा।
अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन: मातृशक्ति की भागीदारी पर जोर
रतन शर्मा ने कहा कि अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन का उद्देश्य समाज की अनुभवी मातृशक्ति को नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भूमिका देना है। संगठन की प्राथमिकताओं में शिक्षा, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता जैसे विषय शामिल हैं। इन क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर गतिविधियां संचालित करने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि समाजसेवा के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही महिलाओं के अनुभव को नई पीढ़ी के साथ जोड़ने की जरूरत है। संगठन इसी दिशा में अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने और युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। डॉ. सरस्वती गौड़ को दी गई जिम्मेदारी को भी इसी क्रम का हिस्सा बताया गया।
नई जिम्मेदारी पर डॉ. गौड़ ने जताया आभार
नई जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए डॉ. सरस्वती गौड़ ने फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दायित्व उनके लिए सम्मान के साथ-साथ समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने संगठन के सामाजिक उद्देश्यों और शुभ संकल्पों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम करने की बात कही।
डॉ. गौड़ ने कहा कि समाज को गांव से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक संगठित करने के लिए निरंतर संवाद और सहभागिता जरूरी है। उन्होंने ब्राह्मण समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ जोड़ने, उनके हितों से जुड़े विषयों को सामने लाने और समाज एवं राष्ट्र के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गांव से राष्ट्रीय स्तर तक संगठन विस्तार
फाउंडेशन के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक रतन शर्मा उत्तर-पूर्व क्षेत्र के उद्योग जगत से जुड़े हैं। संगठन से जुड़े लोगों के अनुसार, वह पिछले करीब दो दशकों से ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों के माध्यम से छात्रवृत्ति, आर्थिक सहयोग और रोजगार उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। इस दौरान युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता के प्रयास किए गए।
इसी क्रम में इस वर्ष ब्राह्मण समाज के लोगों को एक संगठनात्मक मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन का गठन किया गया। संगठन की ओर से गांव से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक समाज के लोगों को जोड़ने, उनके हितों से जुड़े विषयों पर काम करने और जरूरत के समय सहयोग उपलब्ध कराने को प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।
डॉ. गौड़ को मिली संगठन विस्तार की जिम्मेदारी
अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन की ओर से डॉ. सरस्वती गौड़ को संगठन को जमीनी स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। इस भूमिका में विभिन्न क्षेत्रों में संगठन से जुड़े लोगों के बीच समन्वय बढ़ाने और सामाजिक गतिविधियों को विस्तार देने पर जोर रहेगा।
संगठन का कहना है कि अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद सामाजिक समूहों और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने के लिए समन्वित प्रयास की आवश्यकता है। इसके साथ ही शिक्षा, युवाओं, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सहयोग से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की योजना है। नई राष्ट्रीय जिम्मेदारी के साथ डॉ. गौड़ इन गतिविधियों में समन्वय की भूमिका निभाएंगी।
समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे
गुवाहाटी में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक चंद्रप्रकाश शर्मा, समाजसेविका संतोष शर्मा, गुवाहाटी शाखा के अध्यक्ष राजकुमार तिवाड़ी, सुरेंद्र शर्मा और महिला समिति की अध्यक्ष स्वाति भातरा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में वंदना शर्मा, पंडित तेजपाल जोशी, जितेंद्र पिंपलवा, नानक शर्मा, संजय शर्मा, ओम प्रकाश भातीवाड़ा, सुशील व्यास, दीपक धानीवाल, नरेश जोशी और कैलाश पारीक भी शामिल हुए।
इसके अलावा रोहित शर्मा, अमर भातीवाड़ा, रामनिवास मटोलिया, दीनदयाल सिसोदिया, पंकज शर्मा, जय पिंपलवा, सरवन शर्मा, ज्योति शर्मा, कुसुम शर्मा, रितु बत्रा, सुमन शर्मा, निवेदिता शर्मा, कमला, लता, निशा शर्मा, माया गौड़, लक्ष्मी शर्मा, ममता गौड़, छाया तिवारी, कौशल्या, विकास, किरण शर्मा, बबली शर्मा और संगीता गौड़ सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नॉर्थ ईस्ट की मातृशक्ति ने किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान अष्टलक्ष्मी फाउंडेशन से जुड़ी नॉर्थ ईस्ट की मातृशक्ति ने डॉ. सरस्वती गौड़ का पारंपरिक तरीके से स्वागत और अभिनंदन किया। महिला समिति से जुड़ी सदस्यों ने नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। समारोह में मौजूद पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन के विस्तार में उनके अनुभव और सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा व्यक्त की।
अभिनंदन समारोह में सामाजिक संगठन के उद्देश्यों, महिला सहभागिता और समाज को संगठित करने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद सदस्यों ने संगठन की आगामी गतिविधियों में सहयोग करने की बात कही। डॉ. गौड़ को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद फाउंडेशन की गतिविधियों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में काम आगे बढ़ने की उम्मीद जताई गई।
सामाजिक गतिविधियों के विस्तार की तैयारी
अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन: अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशनः अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन ने संगठनात्मक विस्तार के साथ सामाजिक गतिविधियों को भी व्यापक स्तर पर संचालित करने की बात कही है। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहयोग जैसे विषयों को प्राथमिकता में रखा गया है। महिला और युवा सहभागिता को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है।
डॉ. सरस्वती गौड़ के राष्ट्रीय समन्वयक बनाए जाने के बाद संगठन के सामने अलग-अलग क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं और सामाजिक समूहों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी होगी। गुवाहाटी में आयोजित समारोह इसी नई भूमिका की औपचारिक शुरुआत के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने डॉ. गौड़ को शुभकामनाएं दीं और सामाजिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग का भरोसा दिलाया।


