Arunachal Helicopter Crash: हेलीकॉप्टर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसा लोग भूले भी नहीं थे कि अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में बड़ा हादसा हो गया। यहां के सिंगिंग गांव के पास सेना का रुद्र हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें दो पायलट समेत पांच की मौत हो गई।
Arunachal Helicopter Crash: चीता हेलीकॉप्टर क्रैश में पायलट हो गया था शहीद
इंफोपोस्ट न्यूज डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Arunachal Helicopter Crash: रुद्र हेलिकॉप्टर में दो पायलट समेत पांच लोग सवार थे। तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और दो के शव भी मौके पर मिले हैं। एक की तलाश की जा रही थी। यह जगह टूटिंग हेडक्वार्टर से 25 किलोमीटर दूर है।
इससे पहले भी अरुणाचल के तवांग में 5 अक्टूबर को सेना का चीता हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था। इसमें एक पायलट शहीद हो गया था। हादसा अरुणाचल प्रदेश में चीन से सटी एलएसी पर हुआ, जहां भारतीय सेना का अटैक हेलिकॉप्टर ‘रुद्र’ क्रैश हो गया।
भारतीय सेना के मुताबिक, आर्मी एविएशन कोर का एक एएलएच डब्ल्यूएसआई हेलिकॉप्टर सुबह 10 बज कर 43 मिनट पर अरुणाचल प्रदेश के मिगिंग में क्रैश हो गया। मिगिंग अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले का बेहद ही दूर दराज का इलाका है। यह तूतिंग के दक्षिण में मौजूद है। हेलिकॉप्टर ने असम के लेकाबली मिलिट्री स्टेशन से एक रूटीन सोर्टी के लिए उड़ान भरी थी।
थलसेना और वायुसेना की टीम तलाश रही है हेलीकॉप्टर
सेना की दीमापुर नगालैंड में मौजूद 3 कोर के मुताबिक, थल सेना और वायुसेना की ज्वाइंट टीम हेलिकॉप्टर को खोजने के लिए लगाई गई है। असम के तेजपुर में रक्षा मंत्रालय के क्षेत्रीय प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल अमरिंदर वालिया के मुताबिक, एक एमआई 17 और एएलएच यानी एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर को सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है।
गौरतलब है कि स्वदेशी एएलएच हेलिकॉप्टर में वैपन लगाने के बाद उसे एएलएच डब्ल्यूएसआई यानी वैपन सिस्टम इंटीग्रेटेड नाम दिया गया है। सेना ने इसे ‘रुद्र’ नाम भी दिया है और ये एक कॉम्बेट यानि अटैक रोल हेलिकॉप्टर है। इसमें दो पायलट सवार होते हैं। सेना ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया कि हेलिकॉप्टर में दोनों पायलट के अलावा भी तीन और लोग मौजूद थे।
पिछले साल सीडीएस बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर हुआ था क्रैश
क्रैश के बाद एक स्थानीय वीडियो सामने आया है, जिसमें दूर एक पहाड़ पर घने जंगल में धुआं उठता दिखाई दे रहा है। लेकिन सेना की तरफ से इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है। पिछले साल सीडीएस बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था।
तमिलनाडु के कुन्नूर में पिछले साल दिसंबर में चीफ ऑफ डिफेंस बिपिन रावत को ले जा रहा भारतीय वायुसेना का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। हेलिकॉप्टर में बिपिन रावत की पत्नी, स्टाफ समेत कुल 14 लोग मौजूद थे। सभी की मौत हो गई थी।
हादसे पर हादसे, क्यों नहीं लिया जाता सबक?
खराब मौसम की वजह से पूर्व सीडीएस का हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था। वह एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तमिलनाडु के वेलिंग्टन जा रहे थे। हेलीकॉप्टर हादसों पर नजर डालें, तो ज्यादातर हादसों की वजह खराब मौसम ही सामने आएगा। बात समझ से परे है कि भारत के पास अत्याधुनिक तकनीक होने के बावजूद हादसे पर हादसे हो रहे हैं।
सवाल उठता है कि क्या हमारी तकनीक मौसम का अंदाजा लगाने में गच्चा खा रही है? क्या एक हेलीकॉप्टर हादसे से कोई सबक नहीं लिया जाता? हादसों के बाद जांच रिपोर्ट भी चर्चा का विषय नहीं बन पाती। ऐसा लगता है कि हम हादसों को भूल जाने के आदी हो चुके हैं। आपको क्या लगता है, कमेंट करके जरूर बताइएगा।


