Ramnath Kovind: खाटू श्याम दिल्ली धाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता जावेरी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खाटू श्याम दिल्ली धाम आमंत्रित किया है। संगठन के लोग उनसे मिलने गए और उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। संगठन के लोगों को आश्वासन भी मिला है।
Ramnath Kovind: पूर्व राष्ट्रपति को धाम की पावन महिमा के बारे में बताया
आईपी न्यूज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Ramnath Kovind: विज्ञान भवन में आयोजित एक उत्सव में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कई गण्यमान्य अतिथि उपस्थित हुए। इस अवसर पर खाटू श्याम दिल्ली धाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता जावेरी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उन्हें खाटू श्याम दिल्ली धाम की पावन महिमा के बारे में बताया।
संगठन के लोगों ने उन्हें वहां आने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर लोकप्रिय नेता विजय सांपला भी उपस्थित थे। उत्सव के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता जावेरी, नगर महामंत्री सत्यभूषण जैन, कोषाध्यक्ष नवीन गर्ग ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
दुनिया के आठवें अजूबे में शामिल होगा धाम
घनश्याम गुप्ता जावेरी ने बताया कि जीटी करनाल रोड पर बन रहे खाटू श्याम दिल्ली धाम दुनिया के आठवें अजूबे में शामिल होगा। उसकी भव्यता देखते ही बनती है। क्योंकि हाल ही में एक दिन में लगभग तीन लाख भक्तों ने इस पावन धाम के दर्शन किए।
खाटू श्याम की महिमा के बारे में जानकारी मिली तो पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और विजय सांपला ने घनश्याम गुप्ता जावेरी को खाटू श्याम दिल्ली धाम पधारने का आश्वासन दिया।
रामनाथ कोविन्द का जीवन परिचय
रामनाथ कोविन्द का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिला की तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में हुआ था। उनका सम्बन्ध कोरी जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति, गुजरात में अनुसूचित जनजाति और उड़ीसा में अनुसूचित जनजाति आती है। वकालत की उपाधि लेने के बाद उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की।
वह 1977 से 1979 तक दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के वकील रहे। 8 अगस्त 2015 को बिहार के राज्यपाल के पद पर उनकी नियुक्ति हुई। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा भी तीसरे प्रयास में ही पास कर ली थी। 1991 में भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हो गए। 1994 में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। 2000 में पुनः उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। राष्ट्रपति पद तक के सफर के बाद अब वह सेवानिवृत्त हो गए हैं।


