Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 17, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ताजा तरीन
  • स्वास्थ्य

Health Care by Bath: जानें, सेहत और सौंदर्य के लिए नहाने का तरीका

October 22, 2021
Health Care by Bath

Health Care by Bath: जीवन के लिए जल का प्रमुख स्थान है। सेहत को ठीक रखने के लिए शरीर के बाहरी और भीतरी अंगों की सफाई को बेहद जरूरी बताया गया। इसके लिए जल का उपयोग प्राचीन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। तभी तो नदियों और सरोवरों में डुबकी लगाने की परंपरा आज भी प्रचलित है।

Health Care by Bath: घर में कैसे पाएं डुबकी लगाने का लाभ?

श्रीकांत सिंह

Health Care by Bath: स्नान करने के लिए डुबकी लगाने की विधि प्राचीन और वैज्ञानिक है। डुबकी लगाने से एक साथ शरीर के सभी भागों तक जल पहुंचता है। इससे तुलनात्मक रूप से अधिक ताजगी आती है। लेकिन सवाल है कि शहरों में तो शावर की व्यवस्था है। वहां डुबकी का लाभ कैसे उठाया जा सकता है?

इसका उपाय यह है कि मग या लोटे से बड़ा पात्र लेकर शरीर पर एक साथ जल डालें। गांवों में गगरा से नहाने की परंपरा रही है। लेकिन ध्यान रहे कि जल का तापमान कमरे के तापमान से कम होना चाहिए। तभी डुबकी वाले स्नान का लाभ मिल पाएगा।

दरअसल, शरीर में अनगिनत छिद्र यानी रोमकूप होते हैं। जब तक इनकी सफाई न की जाए, तब तक नहाने का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए ठीक से नहाना ही सुख, सौंदर्य और स्वास्थ्य का सर्वोच्च साधन माना जाता है। ठीक से नहाने के लिए घर्षण स्नान बहुत जरूरी है।

क्या है घर्षण स्नान?

घर्षण स्नान नहाने की वह विधि है जिससे तेजस्वी, निर्विकारी, निरोग, ब्रह्मचारी और दीर्घजीवी बना जा सकता है। शरीर को किसी खुरदरे गमछे या तौलिये से रगड़ कर रोमकूपों को साफ किया जा सकता है। रोमकूप साफ रहेंगे तो शरीर की गंदगी और विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकल पाएंगे।

डॉक्टर कहते हैं कि मंदाग्नि, कब्जियत और चर्मरोग रोमकूपों की गंदगी से पैदा होते हैं। क्योंकि उससे रक्त अशुद्ध हो जाता है। रगड़ कर नहाने से रोमकूप साफ हो जाते हैं। इसी को घर्षण स्नान कहते हैं। घर्षण स्नान का सर्वोत्तम समय प्रातःकाल का होता है। उससे दिन भर चित्त प्रसन्न रहता है। जठराग्नि दीप्त हो जाने से भोजन ठीक से पचता है।

कब और कितनी बार करें स्नान?

नित्य प्रातःकाल शौच और दंतमंजन के बाद स्नान करना आवश्यक है। गर्मी के दिनों में प्रातः-सायं दोनों समय स्नान करना चाहिए। स्नान करने से शरीर की त्वचा के सभी छिद्र खुल जाते हैं, जिससे शुद्ध वायु का शरीर में भरपूर प्रवेश होता है।

शरीर के भीतर की गंदगी आसानी से बाहर निकल जाती है। यदि प्रत्येक ऋतु में प्रातः-सायं दोनों समय स्नान किया जा सके तो सर्वोत्तम है। स्नान भोजन से पूर्व ही करना चाहिए। यदि किसी कारणवश कभी ऐसा संभव न हो तो भोजन करने के कम से कम एक घंटे बाद स्नान करना चाहिए। भोजन करने के तुरंत बाद स्नान करना वर्जित है।

दुर्बल, रोगी, वात व्याधि और हृदय रोग से पीड़ित हैं तो गर्म पानी से स्नान करें। कमजोर लोगों को दिन में एक ही बार स्नान करना चाहिए। नित्य नियमपूर्वक व्यायाम करना भी आवश्यक है। लेकिन व्यायाम हमेशा स्नान से पूर्व ही करना चाहिए। व्यायाम करने के कम से कम आधे घंटे बाद जब शरीर का पसीना सूख जाए तभी स्नान करना उचित है।

कितने प्रकार से किया जाता है स्नान?

वास्तव में, पानी या किसी अन्य तरल में शरीर को डुबाकर या बिना डुबाये शरीर को धोना स्नान कहलाता है। लोग चॉकलेट, कीचड़, दूध, शम्पेन आदि में भी स्नान करते हैं। सूरज के प्रकाश में खुले बदन बैठना या लेटना भी स्नान (सूर्य स्नान) कहलाता है।

अमेरिका में रूसी भाप स्नान ज्यादातर रूसी-यहूदी अप्रवासियों तक ही सीमित है। राजनीतिक कारणों से, यह स्नान यहां कभी लोकप्रिय नहीं हुआ। यूरोप में, 19वीं शताब्दी के दौरान रूस और उसके भाप स्नान के रोमांस का स्वागत किया गया था।

शास्त्र भी बताते हैं नित्य स्नान करने के लाभ

स्नान करने के बाद लोग शुद्ध होकर पूजा-पाठ, जप आदि सारे काम करने के योग्य बनते हैं। इसलिए सुबह ही स्नान कर लेना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि स्नान करने से रूप, तेज, बल, पवित्रता, आयु, आरोग्य, निर्लोभता, दु:स्वप्न का नाश, तप और मेधा की प्राप्ति होती है।

लक्ष्मी (धन), पुष्टि‍ व आरोग्य (स्वास्थ्य) चाहने वालों को हर मौसम में और हर दिन स्नान करना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि सुबह स्नान करने से पाप का नाश होता है। और पुण्य मिलता है। ऐसा कहा गया है कि सुबह नहाने वालों के पास भूत-प्रेत आदि नहीं फटकते हैं।

बीमार व्यक्ति कैसे कर सकते हैं स्नान?

बीमारी की हालत में सिर के नीचे से ही स्नान करना चाहिए। गीले कपड़े से शरीर पोंछ लेना भी एक तरह का स्नान ही कहा गया है। सुबह की लालिमा छाने से पहले ही स्नान कर लेना श्रेष्ठ माना गया है। तेल लगाकर और देह को मल-मलकर नदी में नहाना वर्जित है। नदी से बाहर निकल कर तट पर ही शरीर साफ करके नदी में डुबकी लगाना उचित माना गया है।

नदी की धारा की ओर या सूर्य की ओर मुंह करके नहाना चाहिए। नदी में 3, 5, 7 या 12 डुब‍कियां लगाना अच्छा बताया गया है। स्नान करने के लिए कुएं की तुलना में झरने का पानी, झरने से ज्यादा नदी का पानी, नदी के पानी से किसी तीर्थ का जल, तीर्थ के जल से गंगाजल अधिक श्रेष्ठ माना गया है।

गर्म पानी से नहाना कितना लाभदायक?

Health Care by Bath: ठंड के दिनों में गर्म पानी से नहाना मजबूरी बन जाती है। जो लोग गर्म पानी से नहाते हैं, उनमें स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी होती है। तनाव मुक्त रहने की संभावना अधिक रहती है। अधिक आराम मिलता है। बेहतर नींद आती है। खुशी भी मिलती है। कई अध्ययन यह भी बताते हैं कि गर्म पानी से नहाने से आप शरीर के वजन, बॉडी मास इंडेक्स और कमर की परिधि को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं।

अध्ययनों से पता चलता है कि सर्दियों के दौरान दिल की सेहत के लिए यह अतितापकारी प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। क्योंकि ठंड का मौसम आपके हृदय की गति को धीमा कर सकता है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि आपको हर दिन सर्दियों के दौरान स्नान करना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अधिक भोजन करना चाहिए, क्योंकि इससे आपकी त्वचा शुष्क हो सकती है और ठंड भी हो सकती है। अधिकतम 10 मिनट तक स्नान करें।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: UP Assembly Elections 2022: जन समस्याओं पर है इस पार्टी का फोकस
Next: Trump card Priyanka for Congress: प्रियंका से योगी की नींद में खलल

Related Stories

Delhi Protest 2026
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय

Subject: Delhi Protest 2026: प्रदर्शन से पहले हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

infopost October 10, 2026 0
Supreme Court Metro Services
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय

Subject: Supreme Court Metro Services: सुप्रीम कोर्ट का नियंत्रित संचालन पर जोर

infopost October 10, 2026 0
Noida Ramlila 2026: नोएडा में कल से भव्य रामलीला महोत्सव
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर

Noida Ramlila 2026: नोएडा में कल से भव्य रामलीला महोत्सव

Avatar Shrikant Singh October 10, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.