Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

July 22, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ख़ास ख़बर
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • sports
  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • तकनीक
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ख़ास ख़बर
  • संस्कार

Water Temple: जानें, कैसे बना पावापुरी का जल मंदिर?

November 14, 2020
Water Temple

Water Temple: पावापुरी में महावीर स्वामी की अंत्येष्टि हुई। उस स्थान पर अपार जनसमूह एकत्रित हुआ था। ये लोग इस पावन स्थल की थोड़ी-थोड़ी मिट्टी अपने साथ लेकर गए थे। वे इतनी मिट्टी ले गए कि वहां एक विशाल सरोवर बन गया। पावापुरी का जल मंदिर इसी सरोवर के मध्य स्थित है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Water Temple: क्यों जैनियों का भी प्रमुख त्योहार है दीपावली?

राजीव कुमार झा

Water Temple: हमारे देश की धार्मिक परंपरा में जैन धर्म का युगांतकारी महत्व है। और बौद्ध धर्म की तरह ही जैन धर्म ने भी वैदिक धर्म की रूढ़ियों और आडंबर से छठी शताब्दी ईसा पूर्व में देश के जनमानस में नवीन चेतना का सूत्रपात किया। जैन धर्म की स्थापना और प्रचार प्रसार में इसके 24वें तीर्थंकर महावीर का योगदान उल्लेखनीय है।

महावीर का जन्म बिहार के वैशाली में हुआ था। और उन्होंने सत्य की खोज में गहन तपस्या की थी। सत्य-अहिंसा के प्रचार प्रसार में वह आजीवन संलग्न रहे। महापरिनिर्वाण 72 वर्ष की आयु में दीपावली के दिन बिहार के पावापुरी में हुआ। इसलिए यह जैन मतावलंबियों का प्रमुख तीर्थस्थल माना जाता है। और दीपावली जैन जैनियों का भी प्रमुख त्योहार है।

पावापुरी में श्रद्धालुओं का आगमन

इस दिन पावापुरी में हजारों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। और यहां सुंदर मेला लगता है। जनश्रुति के अनुसार पावापुरी में जिस स्थल पर महावीर की अंत्येष्टि हुई। उस स्थान पर अपार जनसमूह एकत्रित हुआ था।

ये लोग अग्निसंस्कार के बाद इस पावन स्थल की थोड़ी-थोड़ी मिट्टी अपने साथ लेकर गए थे। वे इतनी मिट्टी ले गए कि वहां एक विशाल सरोवर बन गया। पावापुरी का जल मंदिर इसी सरोवर के मध्य स्थित है। यह संगमरमर का बना सुंदर मंदिर है।

पावापुरी का जल मंदिर और कमल

पावापुरी का जल मंदिर कमल के श्वेत-अरुण फूलों से आच्छादित रहता है। यहां से थोड़ी दूर पर ग्राम मंदिर है। और यह महावीर की निर्वाण भूमि पर स्थित है। यह मंदिर लाल बलुआ पत्थर से बना है। बिहार सरकार कुछ साल पहले जल मंदिर के चारों ओर पत्थर का घेरा और सरोवर के किनारे भ्रमण पथ बनवाया था।

इसके अलावा जलमंदिर के पास ही वर्द्धमान इंस्टीट्यूट आफ हायर मेडिकल साइंसेज की स्थापना की गई है। पावापुरी के पास ही नालंदा भी स्थित है। यह एक ग्रामीण स्थल है और यहां चतुर्दिक फैले धान के खेत अपनी सुषमा से मन को शांति से भर देते हैं।

पावापुरी एक छोटा रेलवे स्टेशन है। यहां का तीर्थक्षेत्र बिहार शरीफ-नवादा रोड पर स्थित है। यहां बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अनेक सुंदर धर्मशालाएं हैं। राजगीर की प्रसिद्ध जैन संस्था वीरायतन ने यहां तीर्थंकर महावीर विद्या मंदिर की स्थापना की है। यह बच्चों का एक सुंदर विद्यालय है।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: Deepawali: दीपावली में समाहित है स्वच्छ भारत अभियान
Next: New album: सिंगर शैल की नई एल्बम ‘तू मिला तो’

Related Stories

Rajiv Narayan's prediction
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Rajiv Narayan’s prediction: ज्योतिषीय भविष्यवाणी से गरमाई राजनीतिक बहस

infopost July 20, 2026 0
Sonam Wangchuk Episode
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Sonam Wangchuk Episode: पुलिस कार्रवाई ने तेज की राजनीतिक बहस

infopost July 19, 2026 0
Sonam Wangchuk
  • ख़ास ख़बर
  • राष्ट्रीय

Sonam Wangchuk: लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने की कोशिश!

infopost July 18, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.