इंफोपोस्ट न्यूज डेस्क, वॉशिंगटन। एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से हवा का रिसाव हो रहा है, जिसमें एक अमेरिकी और दो रूसी अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस रिसाव से अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन को खतरा है। शायद इसीलिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के रूसी हिस्से को मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उधर, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने कहा है कि अंतरिक्ष यात्रियों को कोई खतरा नहीं है। इस हिस्से को तत्काल प्रभाव से मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया है। रूस ने कहा है कि कुछ दिनों में मरम्मत करके हम उस हिस्से को दोबारा उपयोग के लिए खोल देंगे। चीन, भारत, रूस, और अमेरिका ऐसे अंतरिक्ष स्टेशनों के लिए काम कर रहे हैं।
स्पेस स्टेशन एक अंतरिक्ष यान
दरअसल, स्पेस स्टेशन एक अंतरिक्ष यान होता है जो एक मानव चालक दल को समय की विस्तारित अवधि के लिए कक्षा में स्थापित कर सकता है। एक तरह से यह पृथ्वी के चारों ओर एक कक्षा में स्थापित चौकी होती है, जिसे अलग अलग उद्देश्यों से स्थापित किया जाता है। अंतरिक्ष स्टेशनों को ज्यादातर वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए स्थापित किया जाता है। लेकिन सैन्य उद्देश्यों के लिए भी इन्हें स्थापित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) का उपयोग मानव शरीर पर दीर्घकालिक अंतरिक्ष उड़ान के प्रभावों के अध्ययन के लिए किया जाता है। अन्य अंतरिक्ष वाहनों की तुलना में अधिक से अधिक संख्या और वैज्ञानिक अध्ययन की लंबी अवधि इन अंतरिक्ष स्टेशनों में बिताते हैं।
नासा ने कहा है कि सोमवार देर रात फ्लाइट कंट्रोलर्स ने एक्सपीडिशन 63 के चालक दल को बताया कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से एयर लीक हो रही है। उन्हें तुरंत प्रभावी कदम उठाने को कहा गया क्योंकि वह छेद समय के साथ बड़ा होता जा रहा था। ग्राउंड एनालिस्ट्स ने तुरंत ही उस हिस्से को मुख्य कार्य क्षेत्र से अलग कर दिया।
कई दिनों पहले शुरू हुआ था रिसाव
नासा के मुताबिक, यह लीक कई दिनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन तब इससे कोई खतरा नजर नहीं आ रहा था। मौजूदा लीकेज को देखते हुए भी यह कहा जा सकता है कि इससे स्पेस स्टेशन में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को कोई खतरा नहीं है। यह लीक Zvezda के वर्किंग मॉड्यूल में हुआ है।
नासा के अंतरिक्ष यात्री और स्टेशन कमांडर क्रिस कैसिडी, रूसी अंतरिक्ष यात्री अनातोली और इविनेशिन इवान वैगनर को लीकेज वाले स्थान से डेटा जुटाने को भी कहा गया है। क्रू ने डेटा एकत्र करने के लिए एक अल्ट्रासोनिक लीक डिटेक्टर का उपयोग किया है।


