Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 22, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ताजा तरीन
  • संस्कार

क्या आप जानते हैं, मंगल कार्यों में नारियल क्यों फोड़ते हैं?

August 18, 2020
A2

हमारी सभ्यता और संस्कृति का विकास मनीषियों के शोध और अध्ययन से हुई है। हमारी हर परंपरा का कोई न कोई विशेष कारण होता है और होता है उसका कोई न कोई वैज्ञानिक आधार। इस आधार को समझे बिना कुछ लोग परंपराओं को मानने से हिचकते हैं। इसलिए उनके बारे में जानना जरूरी है।

नारियल की बात करें, तो चाहे पूजा हो या नए घर का गृह प्रवेश, नई गाड़ी या नया बिज़नेस किसी भी कार्य का शुभारंभ नारियल फोड़कर किया जाता है। नारियल को भारतीय सभ्यता में शुभ और मंगलकारी माना गया है। इसलिए पूजा-पाठ व मंगल कार्यों में इसका उपयोग किया जाता है।

हिंदू परंपरा में नारियल सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है। नारियल भगवान गणेश को चढ़ाया जाता है और फिर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। नारियल इस धरती के सबसे पवित्र फलों में एक है। इसलिए इस फल को लोग भगवान को चढ़ाते हैं।

आइए जानते हैं कि क्यों आखिर किसी भी काम को शुरू करने से पहले नारियल क्यों फोड़ा जाता है। ऋषि विश्वामित्र को नारियल का निर्माता माना जाता है। इसकी ऊपरी सख्त सतह इस बात को दर्शाती है कि किसी भी काम में सफलता हासिल करने के लिए आपको मेहनत करनी होती है।

नारियल में एक सख्त सतह और फिर एक नर्म सतह होती है। फिर इसके अंदर पानी होता है जो बहुत पवित्र माना जाता है। इस पानी में किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं होती है। नारियल भगवान गणेश का पसंदीदा फल है। इसलिए नया घर या नई गाड़ी लेने पर फोड़ा जाता है। इसका पवित्र पानी जब चारों तरफ फैलता है तो नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।

नारियल तोड़ने का मतलब अपने अहम को तोड़ना है। नारियल इंसान के शरीर को प्रदर्शित करता है और जब आप इसे तोड़ते हैं तो इसका मतलब है कि आपने खुद को ब्रह्मांड में सम्मिलित कर लिया है। नारियल में मौजूद तीन चिन्ह, भगवान शिव की आंखें मानी जाती हैं। इसलिए कहा जाता है कि यह आपकी हर मनोकामनाएं पूरी करता है।

नारियल को संस्कृत में ‘श्रीफल’ कहा जाता है और श्री का अर्थ लक्ष्मी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लक्ष्मी के बिना कोई भी शुभ काम पूर्ण नहीं होता है। इसीलिए शुभ कार्यों में नारियल का इस्तेमाल अवश्य होता है। नारियल के पेड़ को संस्कृत में ‘कल्पवृक्ष’ भी कहा जाता है। ‘कल्पवृक्ष’ सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करता है।

About Author

See author's posts

Post navigation

Previous: संवैधानिक संस्थाओं की अराजकता के खिलाफ आवाज
Next: शानदार, सस्ती, 80 हजार टकिया कार

Related Stories

Women Safety
  • दिल्ली एनसीआर
  • शिक्षा
  • संस्कार

Women Safety: भारत में महिला सुरक्षा का भ्रम

Sajid1 M Sajid October 11, 2026 0
Delhi Protest 2026
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय

Subject: Delhi Protest 2026: प्रदर्शन से पहले हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

infopost October 10, 2026 0
Supreme Court Metro Services
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • राष्ट्रीय

Subject: Supreme Court Metro Services: सुप्रीम कोर्ट का नियंत्रित संचालन पर जोर

infopost October 10, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.