National AYUSH Festival 2026: आयुर्वेद, शोध, नवाचार और उद्योग को एक मंच पर लाने वाला तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयुष महोत्सव 25 सितंबर से नोएडा में शुरू होगा।
National AYUSH Festival 2026: आयुर्वेद के भविष्य पर होगी राष्ट्रीय चर्चा
इंफोपोस्ट/ National AYUSH Festival 2026
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नोएडा में आयुर्वेद और आयुष क्षेत्र से जुड़े चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और वेलनेस विशेषज्ञों का बड़ा जमावड़ा होने जा रहा है। इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो सेंटर, सेक्टर-62 में 25 से 27 सितंबर तक राष्ट्रीय आयुष महोत्सव–आयुर महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। आयोजन का फोकस आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान परंपरा को शोध, आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्योग से जोड़ने पर रहेगा। आयोजक इसे आयुष क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय स्तर के संवाद, प्रदर्शनी और नेटवर्किंग मंच के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से आयुर्वेद चिकित्सकों और आयुष क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजक की वेबसाइट पर 5,000 से अधिक डेलीगेट्स, 50,000 से अधिक विजिटर्स और 150 से अधिक प्रदर्शकों का उल्लेख है। साथ ही 100 से अधिक वक्ताओं की भागीदारी की जानकारी भी आयोजन से जुड़े प्रचार में दी गई है। इससे महोत्सव का दायरा केवल चिकित्सकीय सम्मेलन तक सीमित न रहकर आयुर्वेदिक उत्पादों, वेलनेस, हेल्थटेक, शोध और कारोबार तक फैलता दिखाई देता है।
National AYUSH Festival 2026: शोध और नवाचार पर विशेष जोर
तीन दिनों के दौरान आयुर्वेद से जुड़े विभिन्न विषयों पर ज्ञान सत्र, विशेषज्ञ संवाद, कार्यशालाएं, शोध प्रस्तुतियां और उद्योग से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जानी हैं। आयोजन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार क्लिनिकल सत्रों के साथ प्रैक्टिकल वर्कशॉप, रिसर्च एवं पेपर प्रेजेंटेशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन और नीति से जुड़े संवाद भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इससे चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को अपने अनुभव तथा नए अध्ययनों को साझा करने का अवसर मिलेगा।
आयुर्वेद के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और प्रमाण आधारित अध्ययन को लेकर भी महोत्सव में चर्चा की योजना है। हाल के वर्षों में आयुर्वेद से जुड़े संस्थानों और कंपनियों के सामने परंपरागत ज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था, शोध पद्धतियों और नए बाजारों से जोड़ने की चुनौती रही है। ऐसे में इस तरह के मंच पर क्लिनिकल अनुभव, शोध निष्कर्ष, उत्पाद विकास और तकनीकी नवाचार को एक साथ चर्चा में लाने की कोशिश की जा रही है।
चिकित्सकों और विशेषज्ञों की भागीदारी
महोत्सव में आयुर्वेद एवं आयुष क्षेत्र के चिकित्सकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न संस्थानों से जुड़े लोग भाग लेंगे। आयोजन से जुड़े कार्यक्रमों में क्लिनिकल एक्सपर्ट्स, अकादमिक विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की भागीदारी दर्ज है। आधिकारिक कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य, क्लिनिकल आयुर्वेद, उद्योग संवाद और अन्य विषयों पर विशेषज्ञ सत्रों की जानकारी भी दी गई है।
आयोजकों की ओर से जारी जानकारी में डाबर इंडिया लिमिटेड के ग्लोबल सीईओ मोहित मल्होत्रा, श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रंजीत पुराणिक, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक वार्ष्णेय, डॉ. प्रदीप मुल्तानी, महर्षि आयुर्वेदा प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर डॉ. संजय शर्मा और डॉ. संजय श्रीवास्तव सहित कई नामों का उल्लेख किया गया है। आयोजन से संबंधित अन्य जानकारी में सांसद एवं AYUSHEXCIL के चेयरमैन अनुराग शर्मा तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की भागीदारी भी बताई गई है।
उद्योग और कारोबार को भी मिलेगा मंच
राष्ट्रीय आयुष महोत्सव में आयुर्वेदिक दवाओं और हर्बल उत्पादों के साथ न्यूट्रास्यूटिकल्स, पर्सनल केयर, वेलनेस उत्पाद, हेल्थकेयर उपकरण और तकनीकी समाधानों की प्रदर्शनी भी प्रस्तावित है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यहां खरीदारों को आयुर्वेदिक एवं वेलनेस ब्रांडों, निर्माताओं, स्टार्टअप, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और उद्योग विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिलेगा।
महोत्सव के साथ बिजनेस नेटवर्किंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। B2B गतिविधियों में आयुर्वेद एवं हर्बल ब्रांड, न्यूट्रास्यूटिकल कंपनियां, फार्मास्यूटिकल कंपनियां, अस्पताल एवं वेलनेस चेन, पंचकर्म केंद्र, हेल्थटेक कंपनियां, निर्माता, निर्यातक, वितरक, निवेशक और स्टार्टअप संस्थापक जैसे वर्गों को जोड़े जाने की योजना है। इससे आयुष क्षेत्र में कारोबार और संभावित साझेदारी से जुड़े संवाद को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आयुर्वेद और वेलनेस का बढ़ता दायरा
महोत्सव का एक प्रमुख पक्ष यह भी है कि इसमें आयुर्वेद को केवल उपचार पद्धति के रूप में नहीं बल्कि वेलनेस, जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़े व्यापक क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रदर्शनी में पर्सनल केयर, हर्बल उत्पाद, न्यूट्रास्यूटिकल्स और वेलनेस सॉल्यूशंस से जुड़े उत्पादों को शामिल किया गया है।
आयोजकों के अनुसार इस मंच पर चिकित्सक, शोधकर्ता, उद्यमी, ब्रांड, संस्थान और आम विजिटर एक ही स्थान पर आयुष क्षेत्र से जुड़े नए उत्पादों और विचारों को देख सकेंगे। इस तरह महोत्सव में परंपरागत चिकित्सा ज्ञान, आधुनिक शोध और बाजार की जरूरतों के बीच संवाद बनाने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर आयुष संवाद की कोशिश
आयुर्वेद को लेकर देश में शोध, शिक्षा, चिकित्सा, निर्यात और वेलनेस से जुड़े कई स्तरों पर काम चल रहा है। ऐसे समय में राष्ट्रीय आयुष महोत्सव जैसे आयोजनों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजक इसे ज्ञान, संवाद, नवाचार और उद्योग के बीच संपर्क बढ़ाने वाले मंच के रूप में देख रहे हैं।
महोत्सव में शोधकर्ताओं और चिकित्सकों के अलावा विद्यार्थियों तथा आयुष क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण हो सकती है। विशेषज्ञ सत्रों, कार्यशालाओं और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से उन्हें चिकित्सा, शोध, उद्यमिता और वेलनेस इंडस्ट्री की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। आयोजन की आधिकारिक जानकारी में छात्रों, शोधकर्ताओं, स्वास्थ्य पेशेवरों, स्टार्टअप और नीति से जुड़े प्रतिनिधियों को संभावित प्रतिभागियों में शामिल किया गया है।
25 से 27 सितंबर तक नोएडा में आयोजन
राष्ट्रीय आयुष महोत्सव 2026 का आयोजन 25 से 27 सितंबर तक इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो सेंटर, सेक्टर-62, नोएडा में किया जा रहा है। आधिकारिक आयोजन जानकारी के मुताबिक यह दिल्ली-एनसीआर में आयुर्वेद और आयुष क्षेत्र से जुड़े बड़े राष्ट्रीय आयोजनों में से एक के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
National AYUSH Festival 2026: आयोजकों ने चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, वेलनेस प्रोफेशनल्स और आयुर्वेद में रुचि रखने वाले लोगों को महोत्सव से जुड़ने का आह्वान किया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में प्रदर्शनी, विशेषज्ञ संवाद, शोध प्रस्तुतियां, कार्यशालाएं, नेटवर्किंग और उद्योग गतिविधियों के माध्यम से आयुष क्षेत्र के विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाने की योजना है।


