Kayakalp Foundation Anniversary: कायाकल्प साहित्य कला फाउंडेशन ने नोएडा के सेक्टर-27 स्थित क्लब में अपने 37वां स्थापना दिवस धूमधाम और गरिमा के साथ मनाया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, कवियों, पत्रकारों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही और संस्था ने कई विभूतियों को ‘कायाकल्प सम्मान 2026’ से सम्मानित किया।
Kayakalp Foundation Anniversary: साहित्यकारों व समाजसेवियों को कायाकल्प सम्मान 2026
Kayakalp Foundation Anniversary: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक मधुप ने कहा कि संस्था पिछले 37 वर्षों से मां शारदे के चरणों में समर्पित होकर साहित्य और संस्कृति की सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस के इस अवसर पर उन विभूतियों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!- कायाकल्प साहित्य शिरोमणि सम्मान, 2026: दिल्ली की लब्धप्रतिष्ठ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सविता चड्ढा एवं देहरादून के वरिष्ठ साहित्यकार सत्य प्रकाश शर्मा ‘सत्य’।
- कायाकल्प जे. सी. वर्मा स्मृति सम्मान, 2026: नोएडा के प्रतिष्ठित समाजसेवी कन्हैया लाल।
- कायाकल्प गौरवश्री सम्मान, 2026: पीएनआई (PNI) न्यूज़, नोएडा के संपादक पवन राज सिंह।
- कायाकल्प हिन्दी गौरव सम्मान, 2026: कानपुर की प्रतिष्ठित कवयित्री शालिनी राय निगम ‘शीरी’।
- कायाकल्प साहित्य भूषण सम्मान, 2026: दिल्ली की अंतर्राष्ट्रीय शायरा डॉ. अना देहलवी, दिल्ली की वरिष्ठ कवयित्री व गीतकार डॉ. अनुराधा पाण्डेय, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के वरिष्ठ साहित्यकार विजय प्रशान्त, ग्रेटर नोएडा के वरिष्ठ गीतकार डॉ. कुमार आदित्य, गाज़ियाबाद के वरिष्ठ कवि पीयूष कान्ति, गाज़ियाबाद के प्रतिष्ठित शाइर मासूम ग़ाज़ियाबादी और नोएडा के वरिष्ठ गीतकार अशोक कश्यप।
- कायाकल्प साहित्यश्री सम्मान, 2026: खुर्जा की ओजस्वी कवयित्री पूनम अदा, मुंबई की प्रतिष्ठित ग़ज़लकार सुमंगला सुमन, दिल्ली के प्रतिष्ठित दोहाकार डॉ. मनोज कामदेव, कानपुर के प्रतिष्ठित गीतकार डॉ. गोविन्द नारायण शाँडिल्य, गाज़ियाबाद के कवि-ग़ज़लकार जगदीश मीणा, दिल्ली के ग़ज़लकार एवं रेखाचित्रकार संजय कुमार गिरि तथा दिल्ली की प्रतिष्ठित कवयित्री भावना अरोड़ा मिलन।
सरस काव्य संध्या
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सरस काव्य संध्या’ में आमंत्रित कवियों और कवयात्रियों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। काव्य पाठ करने वाले मुख्य रचनाकारों में कवि जितेन्दर जीत, कवि दास प्रेम, जमशेद माहिर, उमानाथ त्रिपाठी, सुरेश चन्द्रा, सुरेश चौरसिया, यश त्रिवेदी, विजया एहसास, नलिनी राज मौसम, डॉ. पारुल राज, डॉ. शिल्पा राजपूत, सुमन बहार, संगीता गोयल ‘संग’, दीपा शर्मा ‘उजाला’, सुजाता कुमारी, प्रवीण रंजन जौनपुरी और प्रेम सिंह शामिल रहे।
सभी कवियों की ओजस्वी, श्रृंगार और समसामयिक रचनाओं पर सदन ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। कार्यक्रम में साहित्य और कला के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनेक गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित कर संस्था की परंपरा जारी रखी गई।


