Skip to content
Primary Menu
  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल
Logo300

INFOPOST NEWS

The power of information

October 26, 2026

Connect with Us

  • Home
  • ताजा तरीन
  • आलेख
    • सत्ता की सियासत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • दिल्ली एनसीआर
  • राज्यों से …
  • कारोबार
  • साहित्य
  • संस्कार
  • तकनीक
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • खेल

Categories

  • INFOPOST PDF
  • अंतरराष्ट्रीय
  • आलेख
  • कारोबार
  • ख़ास ख़बर
  • खेल पोस्ट
  • तकनीक
  • ताजा तरीन
  • दिल्ली एनसीआर
  • बोलती तस्वीरें
  • मनोरंजन
  • राज्यों से …
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा
  • सत्ता की सियासत
  • संस्कार
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य
An error has occurred, which probably means the feed is down. Try again later.

  • ताजा तरीन
  • राष्ट्रीय

Dalit MPs FIR Demand: जब संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे 20 दलित सांसद

infopost September 9, 2026
Dalit MPs FIR Demand

Desk LogoDalit MPs FIR Demand: दिल्ली में करीब 20 दलित सांसद संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे और एक कथित ‘शुद्धिकरण’ घटना के संबंध में FIR दर्ज कराने की मांग की। यह घटना राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR और उत्तराखंड में मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ी विवादित घटना के साथ जुड़कर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। विशेषज्ञों और पत्रकारों के विश्लेषण ने इस पूरे घटनाक्रम को पुलिस निष्पक्षता और राजनीतिक हस्तक्षेप के व्यापक संदर्भ में उठाया है।

Dalit MPs FIR Demand: राहुल गांधी के खिलाफ FIR

Dalit MPs FIR Demand: विवाद की शुरुआत उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े एक कथित घटनाक्रम से हुई, जहां आरोप है कि उनके वहां से जाने के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया गया। इस घटना को लेकर विपक्ष ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया और सरकार तथा प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए गए।

इसी समय राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR भी राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार वीडियो में दावा किया गया है कि FIR दर्ज कराने वाले व्यक्ति ने स्वयं को वाल्मीकि समुदाय से संबंधित बताया, जबकि उसके कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठाए गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक बताई गई है।

उत्तराखंड शुद्धिकरण विवाद से उठे सवाल

मामले ने तब नया मोड़ लिया जब करीब 20 दलित सांसद दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे और कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना के संबंध में FIR दर्ज कराने की मांग की। उपलब्ध वीडियो में सांसदों के पुलिस अधिकारियों से अपेक्षित सहयोग न मिलने और कथित तौर पर प्रतिरोध तथा टालमटोल का सामना करने का दावा किया गया है।

पत्रकार अशोक वानखेड़े के विश्लेषण में इन घटनाक्रमों को अलग-अलग विवादों के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि इन्हें व्यवस्था में मौजूद व्यापक राजनीतिक हस्तक्षेप और संस्थागत निष्पक्षता से जोड़ा गया है। उनके अनुसार, यदि कानून लागू करने वाली संस्थाओं पर राजनीतिक पक्षधरता के आरोप लगातार लगते हैं तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है।

जरूरी जांच और आगे का रुख

पूरा विवाद यह दर्शाता है कि आरोपों और राजनीतिक दावों की स्वतंत्र जांच तथा संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यही तय करेगा कि यह महज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप है या संस्थागत निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर प्रश्न।

निष्कर्ष के रूप में, अभी तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र जांच और आधिकारिक बयानों की प्रतीक्षा ही आवश्यक मानी जा रही है।

About Author

infopost

administrator

See author's posts

Post navigation

Previous: Shri Sanatan Dharma Ramlila: भव्य रामलीला के लिए भूमि पूजन 20 को
Next: Kayakalp Foundation Anniversary: कायाकल्प साहित्य कला फाउंडेशन का 37वां स्थापना दिवस

Related Stories

UP PET Exam
  • ताजा तरीन
  • राष्ट्रीय
  • शिक्षा

UP PET Exam: दूर सेंटर से अभ्यर्थियों की बढ़ी मुश्किलें

infopost October 25, 2026 0
SIR Protest
  • ताजा तरीन
  • राष्ट्रीय

SIR Protest: दिल्ली में प्रदर्शन तेज, 1 नवंबर की रैली पर नजर

infopost October 24, 2026 0
November 1 Rally
  • ताजा तरीन
  • सत्ता की सियासत

November 1 Rally: विपक्ष के बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

infopost October 24, 2026 0

Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.