Dr. Rishi Raj: हिमालय से लेकर अंटार्कटिका तक मैंने भारत की आत्मा को अपने साथ लेकर यात्रा की है। यह सफर सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि एकता, देशभक्ति और पृथ्वी के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। जहाँ भी जाता हूँ, भारत मेरे साथ चलता है।
Dr. Rishi Raj: महायात्रा के अंतिम पड़ाव अंटार्कटिका पर कदम रखा
इंफोपोस्ट । न्यूजडेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Dr. Rishi Raj: प्रख्यात लेखक, देशभक्ति एवं यात्रा विषयक अपनी रचनाओं के लिए प्रसिद्ध डॉ. ऋषि राज ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने भारत के सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों तथा विश्व के सभी सात महाद्वीपों की यात्रा पूरी कर ली है। डॉ. ऋषि राज ने अपने इस महायात्रा के अंतिम पड़ाव अंटार्कटिका पर कदम रखा। वहाँ उन्होंने भारतीय तिरंगा लहराकर एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना और राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया।
यह उपलब्धि उन्हें वह गौरव प्रदान करती है कि वे ऐसे पहले भारतीय बन गए हैं, जिन्होंने भारत की संपूर्ण विविधता सभी 36 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश का भ्रमण करने के साथ-साथ विश्व के सभी सात महाद्वीपों की यात्रा भी सफलतापूर्वक पूरी की है। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान “धरती माता की रक्षा के संकल्प” का संदेश देते हुए एक बैनर भी प्रदर्शित किया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता झलकती है। इसके साथ ही, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में, उन्होंने आयरन मैन की तस्वीर वाला विशेष बैनर प्रदर्शित कर राष्ट्र के इस महान एकीकर्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में अपर महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में अपर महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत ऋषि राज ने ये अनूठी उपलब्धि हासिल की है। डॉ. ऋषि राज की यात्राओं का आरंभ वर्ष 1994 में हुआ, जब उन्होंने भारतीय रेल में अपनी सेवा प्रारंभ की। पहले उन्होंने भारत के अधिकांश राज्यों का भ्रमण किया। वर्ष 2008 में सभी ज्योतिर्लिंगों और चार धामों की यात्रा पूरी की।
इसके बाद 2012 में जब उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा की, तभी से उनकी वैश्विक यात्रा का नया अध्याय शुरू हुआ। पिछले 31 वर्षों की यह सतत यात्रा उन्हें आज इस ऐतिहासिक मुकाम तक ले आई है। अंटार्कटिका से डॉ. ऋषि राज का संदेश: “हिमालय से लेकर अंटार्कटिका तक मैंने भारत की आत्मा को अपने साथ लेकर यात्रा की है। यह सफर सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि एकता, देशभक्ति और पृथ्वी के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। जहाँ भी जाता हूँ, भारत मेरे साथ चलता है।”
अपने पेशेवर दायित्वों के अलावा, डॉ. ऋषि राज एक बहुमुखी लेखक हैं, जिन्होंने इतिहास एवं देशभक्ति पर आधारित बच्चों की कहानियों सहित 28 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। इसके साथ ही, उनके चैनल Exploring India with Rishi के माध्यम से वे 600 से अधिक लघु फिल्मों में भारत की सांस्कृतिक एवं देशभक्ति की धरोहर को प्रदर्शित कर चुके हैं। डॉ. ऋषि राज अब इस उपलब्धि को राष्ट्र के युवाओं में देशभक्ति, सतत यात्रा एवं जलवायु जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु समर्पित करने की योजना रखते हैं। वे इस उपलब्धि के लिए प्रमुख रिकॉर्ड बुक्स में आवेदन की तैयारी भी कर रहे हैं।


