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Shri Ram Katha: भगवान श्रीराम की बाल लीला का वर्णन

infopost October 7, 2025
Shri Ram Katha

Shri Ram Katha: नोएडा सेक्टर 82 स्थित ईडब्ल्यूएस पॉकेट 12 में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन भगवान राम की बाल लीलाओं, विश्वामित्र यज्ञ रक्षा, अहिल्या उद्धार आदि प्रसंगों को सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए।

Shri Ram Katha: कथा प्रसंगों को सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए

इंफोपोस्ट न्यूज


Shri Ram Katha: नोएडा सेक्टर 82 स्थित ईडब्ल्यूएस पॉकेट 12 में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन कथा व्यास अनंत श्री विभूषित महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी पंचमानंद जी महाराज ने भगवान राम की बाल लीलाओं, विश्वामित्र यज्ञ रक्षा, अहिल्या उद्धार आदि प्रसंगों का बहुत सुंदर वर्णन किया। Shri Ram Katha1

विश्वामित्र जी वन में यज्ञ करते हैं लेकिन राक्षस उनके यज्ञ में बाधा डालकर यज्ञ को पूर्ण नहीं होने देते हैं। विश्वामित्र जी ध्यानस्थ होकर देखते हैं तो उन्हें पता चलता है कि दशरथ पुत्र राम स्वयं विष्णु अवतार हैं और उनके बिना राक्षसों का संहार नहीं हो सकता है।

राक्षस बाधा डालकर यज्ञ को पूर्ण नहीं होने देते

दशरथ जी से राम, लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगते हैं। भगवान राम रास्ते में ताड़का जैसी भयंकर राक्षसी का वध कर देते हैं। साथ ही अन्य राक्षसों का वध कर यज्ञ को पूर्ण करवाते हैं। मुनि विश्वामित्र के साथ जाते समय रास्ते में गौतम ऋषि के श्राप वश पाषाण शिला बनी अहिल्या का उद्धार करते हैं। भगवान राम के चरण का शिला से स्पर्श होते ही उसमें लगी रज से अहिल्या पत्थर से सुंदर स्त्री बन गईं। और भगवान के लोक को पधार गईं। इस प्रकार भगवान की कृपा से ​अहिल्या का उद्धार हो गया।

इसके बाद आगे की कथा के अनुसार, जनकपुर में विश्वामित्र जी के साथ आगमन होता है। श्रीराम कथा आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी देव मणि शुक्ल ने बताया कि कल की कथा में धनुष यज्ञ, लक्ष्मण परशुराम संवाद, राम जानकी विवाह आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन कथा व्यास करेंगे। इस अवसर पर तमाम सेक्टरवासी भक्तगण मौजूद रहे। भक्तों पर कथा का जादू छाता जा रहा है।

हमारे शास्त्र कहते हैं कि भगवान की कथा सुनने से अच्छे संस्कार का निर्माण होता है। इसलिए युवा पीढ़ी को कथा जरूर सुननी चाहिए। उससे परिवार, समाज और देश में शांति का वातावरण बना रहता है।

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