Haryana Assembly Polls: हरियाणा विधानसभा चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। तैयारियों की समीक्षा के लिए भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी दो दिन के हरियाणा दौरे पर थे। अधिकारियों ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की।
Haryana Assembly Polls: विधासभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2024 तक
इंफोपोस्ट डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Haryana Assembly Polls: हरियाणा विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम कभी भी जारी किया जा सकता है। विधासभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2024 को पूरा हो रहा है। उससे पहले नई सरकार का गठन किया जाना है। ऐसे में चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में चुनाव हो सकते हैं। इस बार कुल 2.01 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 1.06 करोड़ पुरुष और 95 लाख महिला वोटर हैं।
प्रदेश में विधानसभा आम चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और डॉ. एसएस संधू के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय हरियाणा के दौर पर था। मंगलवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी पंकज अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की गई।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का निर्देश
चुनाव आयोग ने बैठक में हरियाणा में जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पूरी निष्पक्षता, स्वतंत्र और निष्पक्ष विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि प्रलोभन मुक्त मतदान प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करते हुए आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों को अवैध शराब, रुपयों का लेन-देन और ड्रग्स को रोकने के दिशा निर्देश भी दिए हैं।
चुनाव आयोग की टीम में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू भी शामिल हैं। वे सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचे थे। चुनाव तैयारियों की समीक्षा के दौरान चुनाव आयोग की टीम ने आम आदमी पार्टी (आप), भाजपा, सीपीआई (एम), कांग्रेस, इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) जैसे राष्ट्रीय और राज्य दलों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
राजनीतिक दलों ने उठाए ये मुद्दे

चुनाव आयोग की टीम ने बताया कि राजनीतिक दलों ने कई मुद्दे उठाए हैं, जिनमें सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती, मतदान केंद्रों के बीच की दूरी कम करने और बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सुविधाओं में सुधार करने का अनुरोध किया गया है।
आयोग के मुताबिक, 85 वर्ष से ज्यादा उम्र के मतदाता घर से वोट डाल सकेंगे। इसके अलावा 40 प्रतिशत बेंचमार्क विकलांगता वाले दिव्यांग मतदाताओं को वोट देने का विकल्प दिया जाएगा। भारतीय चुनाव आयोग की टीम दो दिन चंडीगढ़ में रही। इस दौरान कई अहम फैसले किए गए।
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 27 को
आयोग की टीम ने फैसला किया है कि अंतिम मतदाता सूची 27 अगस्त को प्रकाशित कर दी जाएगी। उसकी एक प्रति मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मुफ्त में मुहैया कराई जाएगी। टीम ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि चुनाव तैयारियों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की जाए। हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त पंकज अग्रवाल के साथ डीईओ और एसपी ने आयोग के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति दी।
चुनाव आयोग की टीम में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू शामिल थे। वह सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचे थे। आयोग की टीम ने आम आदमी पार्टी यानी आप, भाजपा, सीपीआई एम, कांग्रेस, इंडियन नेशनल लोक दल और जननायक जनता पार्टी जेजेपी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।


