ashok kumar verma
विशेष संवाददाता, मोतिहारी। ashok :
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बिहार के शहर मोतिहारी में खुद को फोटो पत्रकार कहने वाले अशोक कुमार वर्मा जमीन के दलाल निकले हैंं। हाल ही में उन्होंने एक जमीन का काम करने वाले व्यक्ति से पतौरा में एक संपत्ति को अपना बताकर उससे 18 लाख रुपये अपने खाते में ले लिए हैं। जमीन की दलाली, अपने बड़े पुत्र व राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा से मारपीट, रंगदारी और बंटवारे में मिली उनकी संपत्ति पर पजेशन नहीं देने के मामले में हाल ही में जिला प्रशासन ने उन्हें जोर की फटकार लगाई है। इसके बाद भी अशोक कुमार वर्मा की गुंडागर्दी थमने का नाम नहीं ले रही है। यहां तक कि अय्याशी में भी उनका नाम आ रहा है। महिलाओं के साथ बैठकर प्रवचन पढ़ने का भी मामला सामने आया है।
उल्लेखनीय है कि मोतिहारी शहर के मिस्कौट मोहल्ला में अशोक कुमार वर्मा रहते हैं। उनके दो पुत्र हैं। प्रथम ओम वर्मा, जो राष्ट्रीय पत्रकार हैं। वह इस समय एक राष्ट्रीय समाचार पोर्टल के संपादक हैं। इससे पहले वह दैनिक जागरण दिल्ली में संपादक रह चुके हैं। साथ ही कई टीवी चैनलों के पैनलिस्ट हैं। दो वर्ष पूर्व इनके घर का बंटवारा हुआ। बंटवारा चार लोगों के बीच हुआ। इसमें परिवार के चार लोगों को अलग अलग संपत्ति हासिल हुई।
ashok : सभी लोग अपनी अपनी संपत्ति पर काबिज हैं लेकिन राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा को पतौरा स्थित पछारी टोला के प्लाट पर पजेशन नहीं लेने दे रहे हैं। ओम वर्मा ने पजेशन मांगा तो अशोक कुमार वर्मा और उनके छोटे पुत्र सिद्धार्थ कुमार वर्मा दोनों मिलकर अप्रैल माह में मोतिहारी के मुफ्फसील थाना पहुंच गए और ओम वर्मा पर झूठा केस करने का दबाव बनाने लगे। थाना को पूरा मामला पता चला तो प्रशासन ने अशोक कुमार वर्मा और सिद्धार्थ कुमार वर्मा को जोरदार फटकार लगाई। साथ ही यह भी कहा कि अगर झूठा केस बनाने का दबाव बनाइएगा तो आप दोनों पिता—पुत्र पर केस कर देंगे। थाना में अशोक कुमार वर्मा और सिद्धार्थ कुमार वर्मा ने ओम वर्मा के साथ समझौता भी किया।

ashok : जब दोनों पिता पुत्र को मामला उल्टा पड़ता दिखा तो वे जुलाई माह में ओम वर्मा के खिलाफ झूठी शिकायत लेकर टाउन थाना पहुंच गए। साथ ही ओम वर्मा पर झूठा केस बनाने का दबाव देने लगे। इस पर टाउन थाना के पुलिस कर्मियों की टीम मामले की जांच करने मिस्कौट मोहल्ला पहुंची। जांच में ओम वर्मा पर लगाए गए सभी आरोप झूठे पाए गए। इस पर टाउन थाना की पुलिस ने अशोक कुमार वर्मा और सिद्धार्थ कुमार वर्मा को जमकर फटकार लगाई। पुलिस कर्मियों ने अशोक कुमार वर्मा को साफ साफ कहा कि इस उम्र में पुत्र के साथ रंगदारी करना अच्छी बात नहीं है। ओम वर्मा के साथ रंगदारी नहीं चलेगी।
ओम वर्मा ने जब मुफ्फसील थाना में किए गए समझौते के बारे में बताया तो पुलिस वालों ने अशोक कुमार वर्मा को जोरदार फटकार लगाई। कहा कि आप पुलिस पुलिस खेल रहे हैं। कभी मुफ्फसील तो कभी टाउन थाना। यह सब आपके लिए अच्छा नहीं है। मौके पर जांच के बाद पुलिस वालों ने अशोक कुमार वर्मा और सिद्धार्थ कुमार वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट लगाई है।
मांगते हैं रंगदारी

राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा ने बताया कि मेरे पिता — अशोक कुमार वर्मा के खाते में लाखों रुपये पड़े हैं। इसके बाद भी वह रंगदारी मांगते हैं। वह पिता अशोक कुमार वर्मा को दो हजार रुपये प्रति माह देते हैं। इसके बाद भी वह रंगदारी से बाज नहीं आ रहे हैं। माता डॉ अंजू वर्मा ने लाखों रुपये की एफडी रखी थी, जिसके नॉमनी अशोक कुमार वर्मा थे। माता के निधन के बाद लाखों रुपये अशोक कुमार वर्मा को मिले। वह सारा पैसा अशोक कुमार वर्मा हड़प गए।
अय्याशी का आरोप
ashok : अशोक कुमार वर्मा उम्र के इस पड़ाव में भी अय्याशी में व्यस्त हैंं। कई महिलाओं के साथ उनके संबंध रहे। यही वजह है कि रिश्तेदारों और आसपास के लोग अपने घर की लड़कियों को उनके पास अकेले नहीं भेजते हैंं। पतौरा गांव में कुछ महिलाओं को बैठा कर प्रवचन पढ़ते हैं। वह हमेशा महिलाओं के बीच ही रहना पसंद करते हैं। धीरे धीरे कई राज उजागर होते जा रहे हैं।
महिला आयोग की जांच के दायरे में
ashok : दो वर्ष पूर्व अशोक कुमार वर्मा और सिद्धार्थ कुमार वर्मा ने बाहरी गुंडों को बुला कर ओम वर्मा पर हमला कर दिया था। ओम वर्मा को बचाने के लिए पत्नी आरती कुमारी बीच में आईं तो हमलावरों ने आरती वर्मा का पैर तोड़ दिया। साथ ही पुत्र अक्षत वर्मा पर वार कर उसका सिर फोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर सिद्धार्थ कुमार वर्मा ने अपने गुर्गों के साथ मिस्कौट मोहल्ला में अपने गुर्गों के साथ ओम वर्मा के यहां डकैती को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने सिद्धार्थ कुमार वर्मा को हिरासत में लिया था। सिद्धार्थ कुमार वर्मा के जेल जाने की नौबत आई तो वह ओम वर्मा के पैर पर गिर कर माफी मांगा और डकैती के सभी रुपये वापस करने का वादा किया। तब सामाजिक दबाव में आकर ओम वर्मा ने भाई सिद्धार्थ कुमार वर्मा के साथ समझौता किया था। लेकिन यह सब चाल थी। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच चल रही है।



