Deaddiction: नशा किसी भी प्रकार का हो, उसके सेवन से दिल की धड़कन 25 प्रतिशत अधिक हो जाती है। रक्तचाप भी 25 प्रतिशत बढ़ जाता है। इसी के मद्देनजर ‘नशामुक्ति समाज आन्दोलन अभियान’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए।
Deaddiction: नशे की दुकानें बंद कराई जाएं
कुमार तेजस्वी, मोतिहारी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Deaddiction: महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्त्वावधान में 12 अक्टूबर को ‘नशामुक्ति समाज आन्दोलन अभियान’ के तहत व्याख्यान एवं हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री कौशल किशोर ने ऑनलाइन संबोधित किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के संदर्भ में 2047 तक आजादी के सौ साल पूरे होने पर भारत को विकसित देश बनाना है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के लोगों को नशे की लत से बचाना चाहिए। नशे से शारिरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान के बारे में लोंगो को जागरूक किया जाना चाहिए। नशे की सरकारी और निजी दोनों दुकानों को बंद कराया जाना चाहिए। जिस दुकान के उपभोक्ता नहीं होते, वह स्वतः बंद हो जाती है।
देश के 28 विश्वविद्यालयों में नशामुक्ति के कार्यक्रम
पूरे देश में लगभग 28 विश्वविद्यालयों में नशामुक्ति के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नशामुक्त भारत बनाने के लिए नशामुक्ति आन्दोलन से जुड़े तथा whartsaap, facebook आदि के माध्यम से नशामुक्ति का सन्देश दिया जा सकता है। पूरे देश में एक लाख लोगों से सम्पर्क करके नशामुक्ति का सन्देश देना है।
देश में 14 लाख लोगों की प्रतिवर्ष कैंसर से मौत हो रही है। नशा किसी भी प्रकार का हो सिगारेट, गुटखा आदि के सेवन से व्यक्ति के दिल की धड़कन 25 प्रतिशत अधिक हो जाती है और रक्तचाप 25 प्रतिशत बढ़ जाता है। नशामुक्ति के लिए विभिन्न प्रकार की गोष्ठी करें, आन्दोलन करें और आन्दोलन से लोगों को जोड़ें। बच्चों के मन में नशे के प्रति डर पैदा करें।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने कहा कि भविष्य में ऐसा समय आएगा जिसमें हमारा पूरा देश और युवा पीढ़ी नशे से बहुत दूर हो जाएगी। संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर श्यामकुमार झा ने कहा कि विश्वविद्यालय के आस-पास में नेहरू युवा केन्द्र जो खेल मन्त्रालय के अधीन है, के द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हो, जिसमें नशामुक्ति के विषय पर विचार विमर्श किया जा सके।
नशामुक्त भारत के लिए नशामुक्त अभियान
Deaddiction: इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधीकारी डा जुगल किशोर दाधीच ने कहा कि महात्मा गान्धी केन्द्रीय विश्वविद्यालय को भारत वर्ष में नशामुक्ति का केन्द्र बनाया जा सकता है। नशामुक्त आन्दोलन में चम्पारण एक बहुत बड़ा प्लेटफार्म बन सकता है। अक्षत कान्त ने कहा कि नशामुक्त भारत के लिए नशामुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
आज के इस आन्दोलन अभियान में हाफ मैराथन की दौड़ का भी आयोजन किया गया। विभिन्न विभाग के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को मिला कर 70-80 लोंगो ने हिस्सा लिया। दौड़ में प्रथम स्थान पर शिव प्रसाद पाल, द्वितीय स्थान पर दिग्विजय और तृतीय स्थान पर सुखेन घोष रहे।


